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मध्य प्रदेश अनुपपुर सहकारी बैंक में 1 करोड़ का घोटाला

cooperative bankअनूपपुर – सैंया भये कोतवाल तो फिर डर कहे का ये कहावत आपने अक्सर सुनी होगी ऐसा ही एक वाकिया अनुपपुर में देखने को मिला जहा एक बाप बेटे ने किसान और आम आदमी के करोड़ों किये गबन कर खूब मज़े किए। वाकिया मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के केंद्रीय सहकारी बैंक का है जहा तकरीबन एक करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।

बैंक के पैसे को मैनेजर ने अपने बेटे अनिल तिवारी , सुनील तिवारी , दामाद और करीबियों को खाते में ट्रांसफर कर खूब मौज उड़ाये। मैनेजर प्रभावकारी है लिहाजा कार्रवाई में लेटलतीफी हो रही है।मैनेजर राजेन्द्र तिवारी ने पहले तो संदेहास्पद तरीके से अपने बेटे अनिल तिवारी को संविदा में कम्प्यूटर ऑपरेटर के पद पर अपने ही बैंक में भर्ती करवा दिया फिर शुरु हुआ बाप बेटे का खेल और गरीबों के पसीने की जमा पूंजी को हड़पते रहे पहले तो पिता ही कैश ट्रांसफर करता था बाद में बेटा भी इस लुट में शामिल होगया।

दोनों बाप बेटों ने मिलकर अनूपपुर जिले के कोतमा बैंक और अनूपपुर बैंक से करोड़ों रुपये पार कर दिया जब तक इस राज का पर्दाफाश हुआ दोनों रफूचक्कर हो गये और अब विभाग पुलिस के भरोसे बैठा है कब दोनों बाप बेटे पकड़ में आए और उधर पुलिस गिरफ़्तारी की बात कर पल्ला झाड़ रही है

केंद्रीय सहकारी बैंक की नोडल शाखा अनूपपुर में तकरीबन 35 लाख 55 हजार रुपये का घोटाला हुआ । बैंक के तत्कालीन मैनेजर राजेंद्र तिवारी पर आरोप है कि उन्होंने बैंक के 32 लाख रुपये अपने बेटे अनिल तिवारी के खाते में ट्रांसफर किये। बेटा बैंक में ही कम्प्यूटर आॅपरेटर है। इसके अलावा दमाद सुबोध तिवारी के खाते में गैर कानूनी तरीके से 87 हजार रुपये डाले और एक ट्रेक्टर शुनील तिवारी के नाम से खरीदा लिया हद तो तब हो गई जब इन महाशय ने ट्रैक्टर लेने के लिये बैंक का चेक ही दे दिया और ट्रैक्टर कम्पनी ने बाकायदा उस से पैसे भी निकाल लिए । इससे पहले मैनेजर राजेंद्र तिवारी ने कोतमा ब्रांच में रहते हुवे करीब 8 लाख रुपये का घोटाला किया था। पुलिस ने राजेंद्र और उसके बेटे अनिल तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी, सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी और अमानत में खयानत जैसे अपराध दर्ज किये हैं। इसके अलावा दूसरे अन्य ब्रांचों में करीब 55 लाख रुपये के घोटाले की शिकायत है। ओरापी बैंक मैनेजर का नेताओं से अच्छा सम्पर्क है लिहाजा पुलिस ने अब तक उसे गिरफ्तार नहीं किया है।

ओरोपी बैंक मैनेजर लम्बे समय से घोटाले कर रहा था। किसानों को दिया जाने वाला धान खरीदी का पैसा वह अपने बेटे के खाते में डाल कर मौज कर रहा था।और कई योजनाये पशुपालन,मुर्गी पालन जैसी कई योजनाओं में बाप बेटे ने जमकर हाँथ साफ किया।

मध्यप्रदेश के अनूपपुर ब्रांच में हुए घोटाले की पुलिस जांच कर रही है। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष ब्रजेश गौतम द्वारा की गई शिकायत की भी जांच होगी। एसपी अनूपपुर निमिष अग्रवाल ने बताया की कोतमा ब्रांच में किये गये घोटाले में मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस आरोपियों को जल्द पकड़ने का दावा कर रही है।

 रिपोर्ट :-विजय उरमलिया

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