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2002 गुजरात दंगों को मुस्लिम विरोधी नहीं ‘गुजरात दंगा’ कहा जाए

एनसीईआरटी की 12वीं कक्षा की किताबों में बदलाव किया गया है। अब 2002 में हुए गुजरात दंगों को मुस्लिम विरोधी नहीं बताया जाएगा बल्कि अब इन दंगों को ‘गुजरात दंगा’ कहा जाएगा। गुजरात दंगों को स्वतंत्र भारत का सबसे भीषण हिंसा माना जाता है। सूत्रों के अनुसार ये फैसला कोर्स रिव्यू कमिटी में लिया गया जिसमें एनसीईआरटी के अलावा सीबीएसई के प्रतिनिधि भी शामिल थे। एनसीईआरटी के किताब में पहली बार 2007 में यूपीए के शासनकाल में इसे गुजरात दंगों का चैप्टर शामिल किया गया था।

आपको बता दें कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार फरवरी-मार्च में हुए गुजरात दंगों में करीब 800 मुसलमान और 250 हिन्दू मारे गए थे। ये दंगे 27 फरवरी को गोधरा में 57 कारसेवकों की मौत के बाद भड़के थे। एनसीईआरटी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि किताब में बदलाव का मुद्दा सीबीएसई ने उठाया था। साल के अंत में जब दोबारा पुस्तकें छपेंगी तो उसमें यह बदलाव दिखेगा।

एनसीईआरटी की 12वीं कक्षा की पॉलिटिकल साइंस की किताब जिसका शीर्षक है ‘Politics In India Since Independence….’। इसके पेज नंबर 187 पर Anti-Muslim riots in Gujarat” हेडिंग के साथ बच्चों को जानकारी दी जा रही थी। एक हफ्ते पहले ही एनसीईआरटी ने 12वीं कक्षा की राजनीति-विज्ञान की पाठ्य-पुस्तक से पूर्वी एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के मानचित्र को बदलने का फैसला किया था। इस मानचित्र में अक्साई चिन को कथित रूप से विवादित क्षेत्र के तौर पर दिखाया गया है।

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