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अच्छे दिनो के लिए 5 साल बहुत कम: अमित शाह

Amit Shahअमित शाह ने बैठक में यह कह कर चौंका दिया कि अच्छे दिन लाने के लिए हमें 25 साल का वक्त चाहिए, 5 साल से काम नहीं चलेगा। आजादी का यश कांग्रेस के खाते में चला गया। जिस तरह 1947 से 1967 तक कांग्रेस की लगातार सरकार रही उसी तरह देश की तस्वीर बदलने के लिए हमें भी 25 साल लगेंगे।

भोपाल – बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पदाधिकारियों को नसीहत दी है कि ‘तुम कुछ नहीं, जो भी है सब पार्टी ही है।’ आत्म मंथन करें कि पार्टी से जुड़े तब क्या थे और पार्टी अलग हो जाए तो क्या बचेगा? वह बोले कि घर का बच्चा यदि कमजोर हो तो बाहर ढिंढोरा नहीं पीटा जाता, अपने विरोधी भ्रम फैला रहे हैं उनका डटकर मुकाबला करें। अच्छे दिन लाने के लिए हमें 25 साल का समय चाहिए, 5 साल में कुछ नहीं होगा। पार्टी में नकारात्मकता बढ़ रही है इसे छोड़ना होगा।

मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ बीजेपी की समीक्षा बैठक में पार्टी अध्यक्ष शाह ने दोनों राज्य सरकारों और संगठन प्रमुखों को कामकाज सुधारने की समझाइश भी दी। दूसरे सत्र में उन्होंने जोशीले अंदाज में कभी नाराजी दिखाई तो पीठ भी ठोकी। इस दौरान दिग्गज नेताओं अनेक मुद्दों पर चर्चा की लेकिन देश भर में सबसे चर्चित व्यापम घोटाले पर बीजेपी ने खामोशी ओढ़ ली।

इस विषय पर किसी भी नेता ने एक शब्द भी नहीं बोला। संकेतों में शाह ने इतना भर कहा कि ‘घर के बच्चे में यदि किसी तरह की कमजोरी है तो उसे बाहर नहीं बताया जाता, घर की बात घर में ही रखें। जो लोग भ्रम फैला रहे हैं उसका प्रतिकार करें। संगठन महामंत्री रामलाल ने महासंपर्क अभियान का ब्यौरा मांगा एवं टॉरगेट सौंपे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बोले कि प्रदेश कांग्रेस विकास रोकने का कुत्सित प्रयास एवं भ्रम फैला रही है।

पार्टी अध्यक्ष ने उद्घाटन एवं समापन सत्र में सभी को यही होम वर्क दिया कि आज रात में जहां भी रहें अपनी आत्मा को जरूर टटोलें कि जब पार्टी से जुड़ा था तब क्या था? पार्टी यदि अलग कर दें तो कुछ नहीं रहेगा। राजनीतिक गुणा-भाग में न पड़ें। उन्होंने नया नारा भी दिया ‘अपनी सरकार अच्छी सरकार, दूसरे की सरकार बुरी सरकार।’

उन्होंने कहा कि मैं देख रहा हूं कि पार्टी में हर स्तर पर नेगेटिविटी बढ़ रही है। पार्षद को एमएलए बनना है, कोई विधायक बन गया है तो मंत्री बनने की दौड़ में लगा है। हर तरफ नकारात्मकता फैल रही है इसे छोड़ें। कार्यकर्ता बनना होगा यदि ऐसा नहीं हुआ तो मात्र राजनीतिक प्राणि ही बनकर रह जाएंगे।

प्रदेश के व्यापमं घोटाले को लेकर देश भर में राजनीति का पारा आसमान पर है, लेकिन बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस महत्वपूर्ण बैठक में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की। सभी नेता चर्चा से बचते रहे। मीडिया ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय से पत्रकारों ने पूछा कि क्या व्यापम को लेकर बीजेपी का मनोबल गिर गया है? इस पर उन्होंने कहा कि हमारा मनोबल बरकरार है। जब यह सवाल हुआ कि इस मुद्दे पर पार्टी ने कोई रणनीति बनाई? उनका जवाब था सभी लोगों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रयासों की सराहना की है।

 

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