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उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब, मृतकों की संख्या 28 हो गयी

लखनऊ -उत्तर प्रदेश के लखनऊ और उन्नाव जिलों में जहरीली शराब कांड में विभिन्न अस्पतालों में भर्ती 13 और लोगों के दम तोड़ने के कारण मृतकों की संख्या 28 हो गयी है। इस बीच एक सौ से अधिक पीड़ित लोगों का अभी भी राजधानी लखनऊ के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ, एसएनएस यादव ने बताया कि अभी तक किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय अस्पताल से 12 लोगों की मौत की खबर है, जिनमें से बलरामपुर अस्पताल में दो और मलीहाबाद तथा राम मनोहर लोहिया अस्पताल में एक एक व्यक्ति की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि मरने वालों की इस संख्या में उन्नाव में दम तोड़ने वाले सात तथा अन्य जगहों पर मारे गए तीन लोगों का आंकड़ा शामिल नहीं है।

यादव ने बताया कि जिन मरीजों का अभी भी इलाज चल रहा है उनमें केजीएमयू में 61, बलरामपुर में 17, सिविल अस्पताल में 20 तथा लोहिया अस्पताल में 16 मरीज शामिल हैं। 17 मरीजों को निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा राज्य की राजधानी में विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराए गए 10 अन्य मरीजों की हालत गंभीर है।

उन्नाव जिले के हसनगंज इलाके के तलासराई गांव और लखनउ के मलीहाबाद के खड़ता तथा बंथरा गांवों में कल जहरीली शराब कांड हुआ था। मलीहाबाद के दातली गांव में अवैध शराब पीने से सात लोगों की उन्नाव जिले के तलासराई गांव में मौत हो गयी थी। हसनगंज के थाना प्रभारी प्रदीप यादव ने यह जानकारी दी।

घटना का गंभीर संज्ञान लेते हुए आबकारी आयुक्त अनिल गर्ग ने विभाग के सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है । इसके अतिरिक्त इस मामले में मलीहाबाद में एक सर्किल अधिकारी, स्टेशन अधिकारी , एक सब इंस्पेक्टर और तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। गर्ग ने बताया कि पांच लोगों के खिलाफ नकली शराब बेचने का मामला दर्ज किया गया है और मुख्य आरोपी जुगनू को गिरफ्तार कर लिया गया है।

गर्ग ने बताया कि लखनऊ में हुई घटना के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में आबकारी निरीक्षक वाणी विनायक मिश्र, प्रधान सिपाही श्याम नारायण मिश्र, सिपाही रजनीश कुमार, संजीव कुमार, विनोद कुमार, सुमन देवी तथा सीता को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि साथ ही लखनऊ के जिला आबकारी अधिकारी लाल बहादुर यादव के खिलाफ कार्रवाई के लिये शासन से सिफारिश की गयी है। मामले की जांच की जिम्मेदारी वाराणसी के संयुक्त आबकारी आयुक्त को सौंपी गयी है।

इस बीच, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जहरीली शराब प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित एसडीएम, सहायक आबकारी आयुक्त :प्रवर्तन:, जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। जहरीली शराब के कारण मौत के शिकार हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए मुख्यमंत्री ने उनमें से प्रत्येक को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का एलान किया। बीमारों के इलाज की मुफ्त व्यवस्था के निर्देश भी दिये। उन्होंने संयुक्त आबकारी आयुक्त के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और आबकारी आयुक्त से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही दोषी पाये जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने को कहा।

अखिलेश ने अवैध शराब और संबंधित अपराधों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं। दूसरी ओर, शासन ने लापरवाही बरतने के आरोप में मलीहाबाद के पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी, एक बीट दारोगा तथा तीन सिपाहियों को निलम्बित कर दिया है। इस मामले में जुगनू, उसकी पत्नी पुष्पा, कतरू, भूरे उर्फ फूलचंद तथा कल्लू नामक व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जुगनू को हिरासत में ले लिया गया है। उसकी कार से बड़ी संख्या में शराब की बोतलें बरामद की गयी हैं। उनकी जांच करायी जा रही है। – -एजेंसी / ब्यूरो

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