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एमपी : आम आदमी पार्टी लड़ेगी सभी 230 सीटो पर चुनाव : केजरीवाल

भोपाल : आज आम आदमी पार्टी द्वारा शंखनाद रैली का आयोजन किया गया जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव का आगाज किया गया इस रैली में आम आदमी पार्टी राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मध्य प्रदेश प्रभारी व श्रम मंत्री गोपाल राय प्रदेश संयोजक श्री आलोक अग्रवाल, दिल्ली जंगपुरा विधायक प्रवीण देशमुख, दिल्ली मॉडल टाउन विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी व अन्य भी सम्मिलित हुए। रैली में पूरे प्रदेश के सभी जिलों से रहवासी सम्मिलत हुए।

अरविंद केजरीवाल के संबोधन के पूर्व शंख बजा कर शंखनाद किया गया। अरविंद केजरीवाल ने भारत माता की जय के नारे के साथ सम्बोधन की शुरुवात की।अरविंद ने कहा कि बहुत सारे लोग यहां आने के लिए कल शाम को चले थे, रात रात भर सफर करके यह सब यहां आए हैं, आप जानते हैं कि इतने सारे लोग इतना कष्ट उठाकर इस रैली में क्यों आये हैं? यह असल मे इस बात का सबूत है कि मध्यप्रदेश की जनता शिवराज शासन से इतनी दुखी है कि यह कष्ट कुछ भी नहीं। यह सबूत है कि परिवर्तन जरूर आएगा।

इधर पिछले लगभग 15 सालों से भाजपा की सरकार है, इतना समय कम नहीं होता। एक बच्चा इतने साल में 10वी पास कर लेता है। यदि ढंग से काम किया जाता तो इतने समय मे नया मध्यप्रदेश बनाया जा सकता था। पर मप्र में शिवराज ने एक भी अच्छा काम नहीं किया। यहां शिक्षक, महिला, आदिवासी, व्यापारी, छात्र, युवा कोई भी खुश नहीं है।

जो मध्यप्रदेश का आज हाल है वही दिल्ली की भी हालत थी। पर फिर अन्ना आंदोलन हुआ, पूरे देश ने उसमें हिस्सा लिया, उस आंदोलन से आम आदमी पार्टी बनी। और फिर दिल्ली के लोगों ने तय किया कि ईमानदारी को चुनना है और आज दिल्ली की जनता खुश है।आज आप दिल्ली की 2.5 साल की सरकार और मध्यप्रदेश की 15 साल के कामों की तुलना कर लो कि किसने कितना काम किया।

मप्र आज व्यापमं के लिए जाना जाता है, शिवराज ने मप्र को बदनाम कर दिया। जिन अफसर और नेताओं ने भ्रष्टचार किया वो तो बच गए और कितने ही मासूमों को अपनी जान गंवानी पड़ी , कितनों का भविष्य दाव पर लग गया। उसी के विपरीत आज की दिल्ली ईमानदारी के लिए जाना जाता है।

मप्र बिजली का उत्पादक है, दिल्ली मप्र से बिजली खरीदता है फिर भी बिजली के दाम दिल्ली में कम हैं और मध्यप्रदेश में ज्यादा। दिल्ली में जो 200 यूनिट बिजली 472 की है उसी 200 यूनिट के लिए मप्र वाले 1370 चूकाते हैं। यह तो साफ लूट है।

मप्र के सरकारी स्कूलों की हालत खस्ता है, दिल्ली के 88% बच्चे पास होते हैं वहीं मप्र में सिर्फ 48%। दिल्ली में लोग प्राइवेट स्कूल से निकालकर अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेज रहे हैं। यहां अस्पताल खुद वेंटिलेटर पर हैं वहीं दिल्ली में सारी दवाईयां मुफ्त करदी गयीं हैं। सारी मशीने काम कर रही हैं।
जब दिल्ली में यह सब हो सकता है तो मप्र में भी हो सकता है। पर यह सब भ्रष्टाचारी बीजेपी कांग्रेस नहीं कर सकती।

यह बदलाव सिर्फ एक ईमानदार सरकार ही ला सकती है। इसलिए आम आदमी पार्टी सभी 230 विधानसभाओं में चुनाव लड़ेगी। और आम आदमी पार्टी को यह चुनाव प्रदेश की आम जनता लड़ाएगी। हमारे पास भ्रष्टाचार के पैसे नहीं हैं हम आम जनता से 10, 50, 100 रू इकट्ठा करके चुनाव लड़ते हैं और इसलिए आम जनता के लिए काम करते हैं। पूरे मध्यप्रदेश में दम खम से चुनाव लड़ने की घोषणा ओर इंक़लाब ज़िंदाबाद के नारे के साथ अरविंद ने अपना वक्तव्य समाप्त किया।

दिल्ली श्रम मंत्री व मध्य प्रदेश प्रभारी गोपाल रॉय ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस के गलत कामों के कारण भाजपा सत्ता में आई। और आज भाजपा से पुरे देश के अंदर लूट की गंगा बह रही है। पर आज फिर भारत के बेटों बेटियों ने अंगड़ाई ली है, जिसकी शुरुआत दिल्ली से हो रही और आज मध्य प्रदेश जैसे प्रदेश में सबसे तेज़ी से बढ़ रही है आप।

मैं चुनौती देने चाहता हूं, दिल्ली तो छोड़ दो म.प्र. जैसे बड़े राज्य में भी सबसे तेजी से कोई पार्टी बड़ी है तो वो आम आदमी पार्टी है। उन्होंने नारा देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश बदलेंगे, दिल्ली बदली है। इन्होंने वादा किया कि मध्य प्रदेश में आम आदमी पार्टी किसानों का विकास करेंगे और शिवराज द्वारा किसानों पर चली हर गोली का हिसाब लिया

उन्होंने शिवराज पर हमले बोलते हुए कहा कि शिवराज ने व्यापम में अपने खून के दाग धुलने के लिए नर्मदा की यात्रा की। आज जो मध्य प्रदेश के हालत है वो सिर्फ आम आदमी पार्टी ही बदल सकती है। मध्य प्रदेश का असली विकास आम आदमी पार्टी करेगी।

प्रदेश संयोजक श्री आलोक अग्रवाल की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि वे मध्य प्रदेश के लिए माँ नर्मदा का आशीर्वाद है और अपने सारे सुख छोड़कर उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा में बिता दिया है।

शिवराज सरकार पर हमला बोलते उन्होंने कहा कि दिल्ली में ढाई हजार पेंशन, यहाँ क्यों नहीं l दिल्ली में स्कूल बेहतर हो सकते हैं तो यहाँ क्यों नहीं। क्योकि यहाँ दिल्ली जैसी सरकार नहीं, और 2018 में हम मध्य प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार लाएगें।

“आप” मध्यप्रदेश के संयोजक और राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री आलोक अग्रवाल जी ने कहा कि मैं IIT से अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद देश की असल स्थिति जानने के लिए पूरे देश में एक साल तक घूमा। और मैं अनुभव से बता रहा हूँ जितना अखबारों में, किताबों में दिखाया जाता है हालत उससे कई बद्तर है।
शिवराज जी आज नर्मदा यात्रा निकालकर अपना चेहरा चमकाने की कोशिश करते हैं। फिर दिग्विजय सिंह जी नर्मदा परिक्रमा लगाते हैं। पर नर्मदा घाटी केे लाखों लोग जो आज न्याय की गुहार लगा रहे हैं, उनकी सुध दोनों को नहीं। इन दोनों दलों के लोगों को चुनाव के एक साल पहले नर्मदा की याद आ जाती है?
नर्मदा मैया के नाम पर राजनीति करने वाले , उससे छल करने वाले यह लोग बचेंगे नहीं।

अरे आप तो राम के नाम पर भी राजनीति करते हैं। शिवराज जी जो खुद को रामभक्त कहते हैं, तो बताइए जब धर्म मे आपकी आस्था है तो सच्चाई में क्यों नहीं? क्यों फिर पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार बिखरा हुआ है।

आज सबसे महंगी बिजली मप्र में है, जबकि मध्यप्रदेश बिजली का उत्पादक है। आज शिवराज सरकारी बांधो से सस्ती बिजली खरीदने की जगह उन्हें बन्द कर रहे हैं और प्राइवेट कंपनियों से गैर कानूनी रूप से 16000 गुना महंगी बिजली तक खरीद रहे हैं।

मप्र में जरूरत के हिसाब से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं हैं। आज प्रदेश में 75 बच्चे रोज मरते हैं। इतिहास में एक मामा कंस हुए थे जिनने 7 बच्चों की हत्या की थी पर इन मामा ने तो कंस के भी सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये।

एक तिहाई प्रदेश के पास पीने का पानी नहीं है। गांव में लोगों को पीने के पानी तक के लिए कई किलोमीटर चलकर जाना पड़ता है। शर्मनाक है कि इंटरनेट के जरिए सेकंडों में दुनिया के किसी भी कोने में जब हम पहुँच गए उस दौर में भी हम बगल के गांव में भी पीने का पानी नहीं भेज पाए।

दिल्ली में अरविंद ने स्कूलों में 14000 नए कमरे बनाये, और 10000 नए कमरे बन रहे है। वहीं शिवराज मध्यप्रदेश में लगातार सरकारी स्कूलों को बंद कर रहे हैं।

NCERB की रिपोर्ट कहती है कि आज मध्यप्रदेश बलात्कार में नम्बर एक पर है। बेटियों के मामा असल 15 साल में उन्हें एक सुरक्षित राज्य नहीं दे सके?

आज समाजिक सुरक्षा में मात्र 300 रू की पेंशन के रूप में दिए जा रहे हैं। शिवराज ने बूढ़ी माँओं को 10रू रोज में जीवन काटने के लिए छोड़ दिया है। जबकि दिल्ली में 2500रू पेंशन दी जा रही है।

मप्र में रोज 5 किसान आत्महत्या कर रहे हैं। किसानों पर 25000 करोड़ का कर्जा है जबकि मध्यप्रदेश का बजट 1 लाख 17 हजार करोड़ का है। पर शिवराज जी कहते हैं कि किसानों का कर्जा माफ नहीं किया जा सकता । अरे आप भ्रष्टाचार बन्द करिये, आसानी से किसानों का कर्ज माफ हो जाएगा। शिवराज जवाब दें कि क्यों नहीं प्रदेश में स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करते?

2005 में कानून बना पर आज 12 सालों बाद भी लाखों आदिवासियों को पट्टा नहीं मिला।

अरविंद ने दिल्ली में 12000 टीचर्स को नियमित किया जबकि मप्र में रोज शिक्षक आन्दोलन कर रहे हैं। व्यापम से तो हम सभी परिचित हैं। लाखों बच्चों का भविष्य दावँ पर लग गया। वहीं प्रदेश का युवा आज बेरोजगार घूम रहा है।
साफ है हर वर्ग शिवराज सरकार से पीड़ित है। भाजपा की शिवराज सरकार हर मोर्चे पर विफल रही।

आज जब दिल्ली में इतना काम हो रहा है तो मध्यप्रदेश की जनता पीड़ित क्यों? जो दिल्ली में हुआ वो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं हो सकता। यदि दिल्ली सरकार किसानों को 20 हजार रू एकड़ मुवावजा दे सकती है तो शिवराज सरकार क्यों नहीं?

वहीं विपक्ष की भूमिका में कांग्रेस को जब जनता के लिए लड़ना चाहिए वो आपसी झगड़े में उलझी है। आज कांग्रेस में मुख्यमंत्री बनना है। पर मैं आपको बता दूं कि आज प्रदेश में जो भ्रष्टाचार है वो सिर्फ भाजपा की देन नहीं, यह कांग्रेस ने ही चालू किया था। भाजपा ने इसे सिर्फ आगे बढ़ाया है।

जब मन्दसौर में किसानों पर गोलियां चलीं तो कांग्रेस अचानक से सक्रिए हो गयी। पर मैं पूछना चाहता हूँ कांग्रेस के सभी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों से कि 12 जनवरी 1989 को बेतुल में किसानों पर किसने गोलियां चलाईं थीं? तब 21 किसान मारे गए थे।

आज किसान की आवाज सिर्फ आम आदमी पार्टी उठा रही है। हम कांग्रेस की मौकापरस्त नहीं। आम आदमज पार्टी ने पूरे प्रदेश में 42 दिन की किसान बचाओ यात्रा निकाली। मैं खुद भरी गर्मी में किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ पूरे प्रदेश में घूमा।
और मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कि प्रदेश का किसान अब इन दोनों ही पार्टियों से धोखा खा चुका है अब उसे भी सिर्फ “आप” से ही उम्मीद है।

उन्होंने सभी को संकल्प दिलाया कि व्यापम घोटाले, किसानों पर गोलियां चलाने वाली शिवराज सरकार को 2018 में उखाड़ फेकेंगे

अंत में श्री अग्रवाल ने कहा कि मैं चुनोती देता हूँ दोनों पार्टियों के नेताओं को कि जनता के मंच पर आकर खुली बहस करें। फिर देखते हैं जनता किसे चुनती है।

इसके अतिरिक्त अरविंद केजरीवाल व आलोक अग्रवाल अम्बेडकर पार्क में चल रहे संविदा कर्मियों के कार्यक्रम में समिलित हुए। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रदेश में संविदा कर्मियों का शोषण किया जा रहा है। उन्हें न्यूनतम मजदूरी से भी कम वेतन दिया जाता है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने सभी संविदा कर्मियों को नियमित कर दिया है और आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही सभी कर्मियों को नियमित करने की बात भी की।

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