आतंकियों के साथ दविंदर सिंह की जगह कोई खान होता तो RSS वाले करते बवाल – अधीर रंजन

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हिजबुल मुजाहिदीन आतंकियों के साथ गिरफ्तार किए गए डीएसपी दविंदर सिंह को लेकर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सांप्रदायिक बयान दिया है। इस बयान को लेकर वह विवादों में आ गए हैं।

अधीर रंजन चौधरी ने दविंदर सिंह पर तीन हिस्सों में ट्वीट किए। उन्होंने पहला ट्वीट किया- ‘कुलगाम में हिजुबल आतंकियों के साथ गिरफ्तार हुए पुलिस अधिकारी का नाम इत्तेफाक से दविंदर सिंह है। अगर दविंदर खान होता, तो विवाद बढ़ता। इस बारे में आरएसएस के ट्रोल रेजिमेंट को साफ-साफ और स्पष्ट शब्दों में जवाब देना चाहिए। मजहब, रंग और कर्म को किनारे रखते हुए देश के ऐसे दुश्मनों की एकसुर में आलोचना की जानी चाहिए।’

अधीर रंजन चौधरी ने दूसरा ट्वीट किया- ‘घाटी में जो मामला सामने आया है, वो हमारे लिए बड़ी चिंता की बात है। ऐसी चीजों को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है।’

कांग्रेस नेता ने आखिरी में लिखा- ‘अब सवाल ये है कि पुलवामा जैसी आतंकी घटनाओं के पीछे असली दोषी कौन थे? इस पर भी नए सिरे से विचार करने की जरूरत है।’

लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन के इस बयान पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

कर्नाटक बीजेपी ने अधीर रंजन चौधरी को पाकिस्तान का बेस्ट फ्रेंड बताते हुए कहा, ‘ऐसे नेताओं से देशवासी और क्या उम्मीद कर सकते हैं। कांग्रेस ये बताए कि कौन सेनाओं को सांप्रदायिक रूप दे रहा है? किसने पाकिस्तानी आतंकियों को कई मौकों पर क्लीन चिट दी? कौन ‘हिंदू आतंकवाद’ शब्द लाया? डियर अधीर रंजन चौधरी। सांप्रदायिकता फैलाना बंद करिए और काम करिए।’

कर्नाटक बीजेपी ने इस मामले पर कांग्रेस से जवाब मांगा है। फिलहाल अधीर रंजन के इस बयान पर कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने शनिवार को कुलगाम में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ डीएसपी दविंदर सिंह को गिरफ्तार किया है।

आरोप है कि दविंदर सिंह ने आतंकियों को सुरक्षित घाटी से बाहर पहुंचाने के लिए डील की थी।

उन्होंने आतंकियों को अपने घर में पनाह दे रखी थी। फिलहाल पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसी उनसे पूछताछ कर रही हैं।