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मुजफ्फरनगर: पुलिस वाहन पर हमला, सिपाही शहीद

attack-on-police-मुजफ्फरनगर [ TNN ] मुजफ्फरनगर में पेशी से कैदियों को लेकर बुलंदशहर लौट रहे पुलिस वाहन पर शुक्रवार को अत्याधुनिक हथियारों से लैस बदमाशों ने हमला कर दिया, जिसमें एक सिपाही शहीद हो गया, जबकि एक कैदी समेत दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। सूचना पर एसएसपी, डीएम और आईजी ने भी मौके पर मामले की जानकारी ली। उधर, देर रात हमलावरों की एक सफारी शाहपुर क्षेत्र के जंगल से बरामद हो गई है।

मुजफ्फरनगर के गांव छपार में दो साल पहले हुई संजीव त्यागी की हत्या में नामजद हत्यारोपी छपार निवासी रोबिन त्यागी पुत्र ब्रिजेश त्यागी, उसका भाई गिरीश मोहन त्यागी और चचेरा भाई अमन पुत्र धनेश त्यागी इन दिनों बुलंदशहर कारागार में बंद हैं। शुक्रवार को एडीजे पंचम की कोर्ट में उनकी पेशी थी।

बुलंदशहर पुलिस लाइन से दारोगा उधम सिंह, सिपाही नरेंद्र सिंह, मलखान सिंह, प्रदीप कुमार, चालक कांस्टेबल लाल बाबू तीनों बंदियों को पुलिस अभिरक्षा में मुजफ्फरनगर पेशी पर लाए थे। दुपहर बाद उक्त सभी पुलिसकर्मी तीनों को पुलिस वाहन से लेकर लौट रहे थे।
वहलना चौक से शहर कोतवाली में तैनात सिपाही बुलंदशहर के गांव पचौंडा निवासी गजेंद्र भी पुलिस वाहन में सवार हो गया। गजेंद्र दो दिन के अवकाश पर घर जा रहा था। करीब पौने चार बजे पुलिस वाहन नेशनल हाईवे पर धोला पुल के पास पहुंचा, तभी बोलेरो और टाटा सफारी कारों में सवार बदमाशों ने पुलिस वाहन पर एके-47 और पिस्टल आदि अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग कर दी।

हमलावर चंद मिनटों में ही गोलियां बरसा कर फरार हो गए। फायरिंग में सिपाही नरेंद्र, गजेंद्र, दारोगा उधम सिंह और विचाराधीन कैदी रोबिन त्यागी गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस कर्मियों ने अन्य वाहनों को रुकवा कर दोनों सिपाहियों को जिला अस्पताल भिजवाया।

दारोगा और कैदी रोबिन को बेगराजपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। जिला चिकित्सालय में सिपाही नरेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया और गंभीर रूप से घायल गजेंद्र को मेरठ रेफर किया गया।

छपार की रंजिश से जुड़ी प्रत्येक वारदात में स्वचालित हथियारों का प्रयोग किया गया है। वर्ष 2012 में संजीव त्यागी की हत्या से लेकर शुक्रवार को अंजाम दी गई वारदात तक प्रत्येक घटना में एके-47 का प्रयोग हुआ। छपार की रंजिश से चर्चाओं में आए रोबिन त्यागी की बिजनौर में मारे जा चुके नंदू उर्फ रावण की जेल में मुलाकात हुई थी। छपार की रंजिश में संजीव त्यागी की हत्या का सारा ताना-बाना भी रोबिन और रावण ने जिला कारागार में ही रचा था।

पुलिस वाहन पर अत्याधुनिक हथियारों से लैस बदमाशों के हमले से पुलिस भी सहम गई। मौत सामने देख पुलिस ने हथियार उठाने की कोशिश की, लेकिन ऐन वक्त पर सरकारी असलहे जवाब दे गए। घायल दारोगा की पिस्टल नहीं चली। एसएसपी ने बताया कि मौके से मिले खोखे एके-47 के हैं। छपार की गैंगवार के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया है।

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