छात्रा की मौत के बाद गरमाई राजनीति, पूर्व शिक्षा मंत्री यहाँ खा गए गच्चा

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खण्डवा : खण्डवा के एकलव्य आवासीय छात्रावास रोशनी में कल एक आदिवासी छात्रा की मौत के बाद अब राजनीति भी तेज हो गई। एकलव्य आवासीय छात्रावास में इस से पहले भी दो छात्रों की मौत हो चुकी हैं। छात्रा की मौत के बाद आज अनसूचित जाति जनजाति छात्र संघ ने शव यात्रा निकालते हुए आदिम जाति विभाग पहुंचकर छात्रावास प्राचार्य को तत्काल सस्पेंड करने की मांग की। तो वही बीएसपी के कार्यकर्ता भी आदिम जाति विभाग पहुंच धरने पर बैठ गए। शिवराज सरकार में स्कुल शिक्षा मंत्री रहे कुंवर विजय शाह भी मामले को भुनाने आदिम जाति विभाग पहुंचे जहां उन्होंने छात्रांओ की मौत की उच्च स्तरीय जाँच की मांग करने लगे। आप को बतादें नई सरकार बने अभी ज्यादा वक्त भी नहीं हुआ है और पूर्व मंत्री ने दो सालों में हुई छात्राओ की मौत की जाँच की मांग की हैं जिस समय वे खुद शिक्षा मंत्री थे ऐसे में सवाल ये है की उन्होंने मंत्री रहते इस मामले में जाँच क्यों नहीं कराई ?

खण्डवा जिले के आदिवासी क्षेत्र रोशनी गांव में छात्रावास में कल बीमारी के चलते एक छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। आज अनुसूचित जाति जनजाति छात्र संघ ने छात्रावास के प्राचार्य और अधीक्षिका के विरोध में सड़कों पर उतरे और जनजाति विभाग की शव यात्रा निकाली छात्र संघ ने बताया कि यह कोई पहला मामला नहीं है इसे पहले भी इसी तरह दो मौतें छात्रावास में हो चुकी है। लेकिन जिम्मेदारों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के विरोध में आज हमने जनजाति विभाग की शव यात्रा निकाली है। वही जानकारी मिलते ही हरसूद विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री विजय शाह भी विरोध कर रहे छात्रों से मिलने पहुंचे। वही छात्र संघ ने छात्रावास प्राचार्य और अधीक्षिका को 2 दिन में सस्पेंड करने की मांग को लेकर हुए ज्ञापन दिया और शव का दाह संस्कार कार्यालय के बाहर ही कर दिया।

वहीं दूसरी और बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता भी आंदोलन कर रहे छात्र संघ के साथ धरने पर बैठ गए उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छात्रावास प्राचार्य और अधीक्षक के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई तो बहुजन समाज पार्टी उग्र आंदोलन करेगी।

वही इस मामले में हरसूद विधानसभा के विधायक और पूर्व मंत्री विजय शाह ने भी प्रभारी कलेक्टर को ज्ञापन देकर उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। शाह ने कहा कि एकलव्य विद्यालय के अपने सपनों का विद्यालय बताते हुए कहा की उनके ही शिक्षा मंत्री रहते ये विद्यालय खुला था। जहां हजारों बच्चे पढ़ रहे है। उन्होंने कहा की पिछले दो तीन सालों में ये चौथी मौत हैं। उन्होंने एकलव्य विद्यालय पर आरोप लगते हुए कहा की कही न कही ये लापरवाही है जिसके चलते ये मौते हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा की छात्राओं की मौत का जिम्मेदार कौन है इसकी उच्यस्तरीय जाँच कराई जाये और प्रचार्य को तत्काल निलंबित करें। पर सवाल ये उठता है कि पूर्व मंत्री ये भूल गए की उनकी सरकार गए अभी महीना भर भी नहीं हुआ जब ये मौते हो रही थी तब उनकी ही सरकार थी और उनके शिक्षा मंत्री रहते इस मामले की जाँच क्यों नहीं कराई।

वहीं इस पूरे मामले को लेकर जिला पंचायत सीईओ और प्रभारी कलेक्टर डी के नागेंद्र ने कहा कि बालिका की मौत को लेकर जांच करवाई जा रही है । जांच में जो भी दोषी पाए जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।