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अखिलेश यादव ने भोपाल एनकाउंटर पर कही अपनी बात

akhilesh-yadavलखनऊ- अपनी रथ यात्रा शुरू करने से एक दिन पहले अखिलेश यादव ने मायावती से उन सभी दावों को खोखला करार दिया है, जिनमें मायावती ने कहा था कि मुस्लिम बसपा को अपना समर्थन दे रहे हैं। इकोनॉमिक टाइम्स को दिए एक घंटे लंबे इंटरव्यू में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा भगवान राम को एक म्यूजियम के अंदर बंद कर रही है।

अखिलेश यादव से जब ये पूछा गया कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही तो उन्होंने अपने कई काम गिनाए। वे बोले कि यह चौथी बार है कि समाजवादी पार्टी रथ यात्रा कर रही है और ये विकास से विजय का रथ है।

भोपाल एनकाउंटर पर कही अपनी बात
भोपाल में हुए एनकाउंटर पर अखिलेश यादव ने कहा- यह स्वाभाविक है कि जनता सच जानना चाहती है। राज्य सरकारों को उन्हें इस बात का जवाब देना चाहिए कि आखिर उनकी जेल में ऐसा कैसे हुआ? सबसे दुख की बात यह है कि मरने वाला कॉन्स्टेबल उत्तर प्रदेश का था और हम उसके परिवार को हर संभव मदद देंगे।

‘तीन तलाक’ पर बचते नजर आए
जब अखिलेश यादव से तीन तलाक पर उनकी राय मांगी गई तो उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में हस्तक्षेप सही नहीं होता है। हमसे कोई कहे कि कृष्ण भगवान को नहीं मानो और शंकरजी को मानो, तो ये क्या बात हुई? कुछ चीजों पर निर्णय कम्युनिटी को ही लेने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह ही रथ यात्रा की शुरुआत करेंगे। पिछली बार की तरह ही नेताजी ही इस बात का फैसला करेंगे कि किसे टिकट दिया जाए और मेरे सुझावों को ध्यान में रखा जाएगा।

क्या भाजपा 26 घंटे बिजली देगी?
उन्होंने बताया की सपा सरकार ने शहरों को 24 घंटे, नगरों को 20 घंटे और गांवों को 18 घंटे बिजली की सुविधा दी है। साथ ही उन्होंने अपने एक्सप्रेसवे को भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बताया। इसके अलावा नवंबर अंत तक मेट्रो भी चलनी शुरू हो जाएगी। समाजवादी पार्टी ने 55 लाख महिलाओं को पेंशन दी है और 18 लाख लैपटॉप बांटे हैं।

अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा- भाजपा कहती है कि वह प्रदेश में बिजली की स्थिति सुधार देगी। क्या वह 26 घंटे बिजली देंगे, जबकि हम पहले ही 24 घंटे बिजली मुहैया करा रहे हैं। उन्होंने कहा- मेरा काम खुद ही बोलता है।

जब अखिलेश से पूछा गया कि क्या मुख्यंमत्री रहते हुए उन्हें कोई शिकायत है तो वे बोले कि बिल्कुल नहीं। हमने जितना काम किया है उतना तो कई लोगों ने कई बार मुख्यमंत्री रहने पर भी नहीं किया। लोग तो मुझे कहते थे कि ट्रेनी मुख्यमंत्री हैं। मैं कहता हूं कि अगर एक ट्रेनी की तरह मैं इतने काम कर सकता हूं तो कल्पना कीजिए कि अब अनुभव हो जाने के बाद मैं कितना काम करूंगा। अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश चुनाव में किसी को भी अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं मानते हैं।

उनका कहना है कि अन्य पार्टियों को ये सोचने की जरूरत है कि आखिर वे समाजवादी पार्टी से मुकाबला कैसे करेंगे? सर्वे में भाजपा को महत्व दिए जाने पर वे बोले की सर्वे लगातार बदल रहे हैं। किसी को पता नहीं कि आने वाले तीन महीनों में सर्वे में कितना और बदलाव आएगा। वे बोले कि सर्वे कुछ हद तक सही हो सकते हैं, न कि पूरी तरह से।

मायावती के दावों को कहा खोखला
जब अखिलेश से पूछा गया कि मायावती का कहना है कि मुस्लिम उन्हें समर्थन दे रहे हैं और वो इस बार मुस्लिमों को अधिक टिकट देंगी तो अखिलेश बोले कि पिछली बार भी उन्होंने टिकट दिए थे, लेकिन कोई जीता नहीं। यूपी के लोग कैसे भूल जाएंगे कि रक्षा बंधन आपने किसके साथ मनाया था, जिसके लिए आपने गुजरात में कैंपेन किया था, कैसे बसपा ने भाजपा के साथ कई बार गठबंधन की सरकार बनाई है।

उनके बहुत से नेताओं ने भी उनका साथ छोड़ दिया है। सेक्युलर वोट उस पार्टी को जाएंगे जो भाजपा को हरा सके और वो हम हैं। अखिलेश ने कहा कि मुस्लिमों ने उनसे कहा है कि हम फिर से आपकी सरकार बनवाने में मदद करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि हमने सभी की मदद की है और सभी को सुरक्षा मुहैया कराई है।

‘बदलता रहता है पीएम मोदी का नारा’
उत्तर प्रदेश में विकास न होने के भाजपा के दावों को खोखला बताते हुए अखिलेश यादव बोले भाजपा का नारा अब बदल गया है। पहले भाजपा ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाती थी, लेकिन हाल ही में लखनऊ की रामलीला में ‘जय श्री राम’ के नारे लग गए। इटावा में अमित शाह ने कहा कि वहां कोई विकास नहीं हुआ है। जिस रनवे पर उन्होंने लैंड किया वो समाजवादी पार्टी ने बनवाया, जिस फोन लेन रोड से वह कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे उसे भी समाजवादी पार्टी ने बनवाया और जिस पांडाल में खड़े होकर उन्होंने लाखों लोगों को संबोधित किया, उसे भी समाजवादी पार्टी ने ही बनवाया है। वे बोले कि ये प्रदेश भाजपा का खेल समझता है।

‘चुनाव के समय भाजपा कुछ भी कर सकती है’
अखिलेश यादव ने कहा कि बिहार में चुनाव हुए थे तो भाजपा वहां रामलीला में क्यों नहीं गई? सिर्फ लखनऊ में क्यों आई? चुनाव के समय भाजपा कुछ भी कर सकती है। सर्जिकल स्ट्राइक पर भी अपनी बात रखते हुए अखिलेश यादव बोले किसी को पता नहीं कि सर्जिकल स्ट्राइक क्या होता है। कांग्रेस की सरकार ने भी अपने समय में सर्जिकल स्ट्राइक की थीं, लेकिन कभी इसके बारे में सबको नहीं बताया। अखिलेश बोले- ये चुनाव के मकससद से कुछ भी कह सकते हैं। अच्छे दिन और डेवलपमेंट इन्होंने 2.5 सालों में क्या किया? लखनऊ, कानपुर और वाराणसी के लोग जानना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने इन लोगों के लिए क्या किया।

क्या कांग्रेस से गठबंधन करेगी समाजवादी पार्टी?
जब अखिलेश से ये पूछा गया कि क्या राजनीति से धर्म को अलग रखना चाहिए तो वह बोले कि धर्म तो चलता है साथ-साथ, लेकिन विकास पर हावी नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा होगा तो लोगों का क्या होगा? उनकी जिंदगी कैसे बदलेगी? जब होली होती है तो आप रंगों से खेलते हैं, जब दिवाली होती है तो आ पटाखे जलाते हैं, लेकिन जब चुनाव होते हैं तो आपको सिर्फ विकास की बात करनी चाहिए। कांग्रेस से गठबंधन के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि अभी उनसे इस बारे में कोई बात नहीं की गई है। वे बोले कि जब उनसे इस मुद्दे पर बात की जाएगी तो वह अपना पक्ष रखेंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि गठबंधन करने या न करने का फैसला नेताजी यानी मुलायम सिंह यादव का होगा। वे बोले सपा कमजोर नहीं है, हमारे सभी कार्यकर्ता कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

अब अमर सिंह को ‘अंकल’ नहीं कहते अखिलेश
पारिवारिक झगड़े को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि परिवार में सब ठीक है। राजनीति में ये सब चलता है। क्या कर सकते हैं। आपके हाथ में नहीं हैं कुछ चीजें। वहीं दूसरी ओर 24 अक्टूबर को मंच पर ही चाचा शिवपाल के साथ हुई झड़प के मामले पर अखिलेश बोले कि अब बात गई और इस पर मैं चर्चा नहीं करना चाहता हूं। लोगों और नेताओं ने जो देखा और महसूस किया उन्हें सब समझ आ रहा है। अभी मेरा पूरा ध्यान इसी बात पर है कि कैसे उत्तर प्रदेश चुनाव में जीता जाए और अपनी सरकार बनाई जाए। अमर सिंह द्वारा उन्हें अपने बेटे जैसे कहे जाने की बात पर वह बोले कि सब कुछ भूल जाइए और हमारी रथ यात्रा देखिएगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या आपने उन्हें अंकल कहना छोड़ दिया है तो वे बोले कि मैंने मायावती को बुआ कहना छोड़ दिया है। ये रिश्ते नाते राजनीति में कम ही समय के लिए होते हैं। अंकल वाला रिश्ता लगता है बहुत कम समय के लिए था। [एजेंसी]




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