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दर्दनाक: जुम्मन के घर अब नही मनेगा ईद का जश्न

अमेठी. जुम्मन का परिवार गुर्बत की चादर ओढ़े हुए था, दिल्ली में रहकर मज़दूरी कर वो परिवार वालों का पेट पाल रहा था। रविवार शाम 5 बजे उसने आखरी बार पत्नी से बात किया और बताया कि वो परिवार वालों के साथ ईद मनाने के लिए आ रहा है। जिससे घर में सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई थी। लेकिन सोमवार की शाम उसके दोस्त ने फोन पर जो ख़बर सुनाई उसको सुनने के बाद कोहराम मच गया। दरअस्ल जुम्मन बरेली बस हादसे में जिंदगी से हाथ धो बैठा था। अब उसकी जली हुई लाश यहां आएगी।

बरेली बस हादसे का शिकार लोगों में जुम्मन भी शामिल
आपको बता दें के रविवार रात 1 बजे के आस-पास बरेली जिले के बिथरीचैनपुर थाना क्षेत्र में भयानक हादसा दरपेश आया। रोडवेज बस और ट्रक की आमने-सामने से जबरदस्त भिड़ंत हो गई थी, जिससे रोडवेज बस में भीषण आग लग गई। हादसे में 24 यात्री जिंदा जल गए हैं। दरअस्ल बस का डीजल टैंक फट गया था और बस और ट्रक में आग लग गई।

दिल्ली में रहकर करता था माली का काम
इस हादसे में ज़िले के तिलोई विधानसभा के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र अन्तर्गत चेतरा बुजुर्ग गांव निवासी जुम्मन पुत्र गुलाम 40 भी काल के गाल में समा गया। बताया जा रहा है कि सात भाईयों में जुम्मन दूसरे नम्बर पर था। गुर्बत के चलते चार बच्चों के भरण-पोषण का ख़र्च। खेती बारी थी नहीं तो उसने दिल्ली बसा लिया। यहां रहकर वो माली का काम करता था। आखरी बार वो पिछली ईद पर आया था।

पिछली ईद पर आखरी बार घर आया था जुम्मन
ख़बर मिलने के बाद जुम्मन की पत्नी थासुना 36 का रो-रो कर बुरा हाल है। उसने विलाप करते हुए बताया कि कल शाम पति जुम्मन ने फोन करके बताया था वो बच्चों के साथ ईद मनाने आ रहा है। पर आज जब उसके दोस्त का दिल्ली से फोन आया कि जुम्मन बरेली बस हादसे का शिकार हो गया तो परिवार में कोहराम मच गया। जुम्मन के बड़े बेटे असलम 20, जुबेर 16, मुस्कान 12 और सएब 9 का बाप के वियोग में रो-रो कर बुरा हाल है।
रिपोर्ट@राम मिश्रा

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