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पंचायत भवन बना निजी कोचिंग संस्थान !

amethi-panchayat-coaching-classअमेठी- उत्तर प्रदेश की समाजवादी सरकार ने जनपद के ग्राम पंचायतो को सशक्त बनाने और जन-समुदाय को जीवन की मुख्य धारा से जोडने के लिए अनेको योजनाओं का क्रियान्वयन कर ग्राम्य विकास के क्षेत्र में बेशक समाजवाद लाने का काम किया हो, लेकिन सूबे के वीवीआईपी जनपद अमेठी में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सरकार के आलाधिकारी एवंम सम्बंधित विभाग ही ‘ ‘सशक्त गांव विकसित प्रदेश’ एवं भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश’ पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं।

गांव में विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा जहा तय होनी चाहिए वहां पर निजी कोचिंग सेंटर खोल दिया गया है। यह सब कुछ खुले आम जिम्मेदार अधिकारियों के सामने चल रहा है। लेकिन कोई भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं महसूस कर रहा है।

मामला मुसाफिरखाना विकास खंड के भीखीपुर गांव का है। गांव में पंचायत भवन बना हुआ है इस पंचायत भवन में प्रतिदिन ग्राम पंचायत अधिकारी को बैठना चाहिए। यहां पर गांव के विकास की इबारत लिखी जानी चाहिए थी। लेकिन इस पंचायत भवन में निजी कोचिंग खोल दिया गया है।

विगत लगभग पाँच साल से चल रहे इस कोचिंग में तकरीबन पचास बच्चे पढ़ते हैं। कोचिंग को गांव का ही सिद्धनाथ अपने पांच साथी अध्यापक के साथ संचालित कर रहा है।

कोचिंग संचालक से पूछताछ पर उन्होने बताया कि साहब व ग्राम प्रधान के आदेश से वे कोचिंग चला रहे हैं। पंचायत भवन की चाबी उन्होंने दी है। साथ ही सिद्धनाथ ने बताया कि हम जनपद के कई माननीयो से संपर्क में है जिसका लाभ हमे जनपद प्रशासन द्वारा मिल रहा है। हमने साहब से बताया है कि यह कोचिंग सेंटर हम अप्रैल-मई 2017 में कही और शिफ्ट कर लेंगे।

गाँव वालों का कहना है कि हमारे गाँव में बने पंचायत भवन में कोचिंग सेंटर का संचालक सिद्धनाथ एक बड़ी राशि प्रतिवर्ष के हिसाब से अधिकारियो को पहुचाता है। गांव में बराबर पंचायत व विकास विभाग के अधिकारियों का आना -जाना भी लगा रहता है। लेकिन सरकारी भवन में चल रहे शिक्षा के इस निजी धंधे पर किसी की निगाह नहीं जा रही है। सरकारी पंचायत भवन अतिक्रमण का शिकार बना हुआ है।

मामला चाहे जो भी हो लेकिन सूबे की समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद को प्रदेश की आम गरीब व आखिरी पायदान की जनता से जुड़ी सरकार का प्रतिनिधि बता कर भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने की कवायद में जुटे होने की बात कहते है।

वही दूसरी ओर आज अमेठी में इस सरकार का पूरा तंत्र राजनैतिक मठाधीशो, माफियाओं व चंद भ्रष्ट अधिकारियो के हाथों की कठपुतली बना है। लोगो का मानना है कि इसी भ्रष्ट तंत्र के नेतृत्व में जनपद प्रशासन भी इन्हीं भामाशाहों के जेब की रेजगारी की भूमिका निभाता सा दिख रहा है। जनपद के ईमानदार और कर्तब्यनिष्ठ अधिकारियो को जल्द ही इस पर लगाम कसनी होगी तभी सूबे के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ‘तरक्की की राह पर उत्तर प्रदेश’ और उत्तर प्रदेश-समृद्धि प्रदेश वाली मंशा साकार हो सकेगी। वही जब इस मामले पर जिला पंचायत राज अधिकारी अमेठी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी हमे नही है। जल्द ही जांच करवाकर कार्यवाई की जाएगी।
रिपोर्ट- @राम मिश्रा




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