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पड़ताल:17 महीनों बाद भी नहीं उतरा नोटबंदी का ‘जहर’, ATM हुए कैशलेस

अमेठी:मोदी सरकार द्वारा नोटबंदी के ऐलान को करीब डेढ़ साल होने जा रहे हैं लेकिन बैंकिंग व्यवस्था अब भी चरमराई हुई है 8 नवम्बर 2016 की आधी रात से चलन में आए नए नोट अब भी आम जनता के साथ “सांप सीढ़ी” का खेल खेल रहे हैं आज भी लोगों को ATM के सामने नो कैश का बोर्ड टंगा मिल रहा है।

यूपी के अमेठी में एटीएम मशीनों में कैश की किल्लत की वजह से शादियों के सीजन में जनता को अपने ही पैसों को पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है कैश क्राइसिस की मार से अमेठी के लोग परेशान है कोई एटीएम आउट आफ आर्डर है तो किसी में नो कैश का बोर्ड लगा है बैंकों में भी कैश के लिए लंबी लाइन देखी जा रही है ऐसे में लोगों को जरूरत का भी कैश नहीं मिल पा रहा है इसके बावजूद बैंक अधिकारी कैश की क्राइसिस से इंकार कर रहे है, लेकिन सच्चाई है कि मार्केट से कैश गायब हो चुका है बैंक वाले भी एटीएम में कैश नहीं डाल रहे हैं.

एटीएम का लगा रहे चक्कर-
अमेठी में यूं तो कई एटीएम है ये एटीएम इसलिए इंस्टाल किए गए हैं, ताकि लोगों को कैश के लिए भटकना न पड़े लेकिन स्थिति काफी खराब है दर्जनों एटीएम चक्कर लगाने के बावजूद लोगों को निराशा ही हाथ लग रही है अब उन्हें चिंता सता रही है कि बैक में भी लाइन लगने के बाद कैश न मिले तो काम कैसे करेंगे।

एटीएम मशीनों में कैश की किल्लत की वजह से सहालग के मौसम में लोगों की परेशानियों को बढ़ा दिया है अमेठी जिले के मोहनगंज,
तिलोई,के एटीएम में महीनों से कैश नहीं है एटीएम में कैश की किल्लत से आम लोग एक से दूसरे एटीएम के चक्कर लगाते नजर आ रहे हैं एटीएम में कैश की बढ़ी किल्लत के बावजूद बैंको ने अभी तक कोई बड़ा क़दम नहीं उठाया हैकमोबेश, यही स्थित शंकरगंज, शुकुलबाज़ार, जगदीशपुर,मुसाफिरखाना,अलीगंज में भी देखने को मिल रही है ।

हमारी टीम ने लिया जायजा-
शादियों का मौसम है और लोग खरीददारी के लिए एटीएम के चक्कर लगा रहे हैं मुसाफिरखाना में भी लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम को चक्कर लगते नजर आए किसी को बच्चे की फीस जमा करनी है तो किसी को खरीददारी लेकिन एटीएम में कैश न होने की वजह से लोग परेशान दिखे हमारी टीम ने अमेठी जिले के कई एटीएम का जायजा लिया इस दौरान एटीएम तो खुले मिले, लेकिन उनमें कैश नहीं था. जबकि कई के सामने ‘मशीन ख़राब है’ का बोर्ड लगा था अमेठी के तिलोई व मोहनगंज में स्थित एटीएम पर जब टीम पहुंची तो पाया कि लोग निराश होकर लौट रहे हैं ऐसा सिर्फ एक जगह नहीं है, बल्कि अमेठी जिले में कई ऐसे एटीएम हैं, जहां मशीन तो रहती है लेकिन इसमें पैसे नहीं होते।

एटीएम कैशलेस -लोग हेल्पलेस-
सहालग के सीजन में एटीएम कैशलेस हो जाने से लोगों की मुसीबतें भी बढ़ गई हैं हालत यह है कि लोगों को बैंकों के एटीएम से पैसे निकालने के लिए जिले के एक कोने से लेकर दूसरे कोने का चक्कर लगाना पड़ रहा है जिसके बाद भी लोगों को जरुरत के मुताबिक पूरा कैश नहीं मिल पा रहा है वहीं लोगों का कहना है कि ग्रामीण बैंकों में भी कैश की भारी किल्लत है. जिससे ग्रामीण बैंक के उपभोक्ताओं को कैश नहीं मिल पा रहा है जिले में सरकारी बैंकों के एटीएम में कैश की हालत ज्यादा खराब है ।

अमेठी में राहुल गांधी ने ट्वीटकर कसा था तंज-
अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी में आए राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में पीएम पर हमला करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर शायराना अंदाज में तंज कसा था कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने ट्वीट में एक कविता शेयर की थी जो मौजूदा कैश किल्लत को लेकर है।

राहुल गांधी ने इस कविता के जरिए जहां कई राज्यों में नकदी की कमी पर तंज कसा वहीं देश फिर से ‘नोटबंदी के आतंक’ की गिरफ्त में आने की बात कही इसके साथ उन्होंने पीएम मोदी पर नोटबंदी के फैसले के साथ देश के बैंकिंग सिस्टम को बर्बाद करने का आरोप लगाया है।

किसी के पास कोई जबाब नही-
जरूरतमंद रुपयों की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं पिछले कई दिनों से अधिकतर एटीएम में पैसे नहीं है लोग एक एटीएम से दूसरे एटीएम जाकर निराश हो रहे हैं एटीएम में कैश की किल्लत क्यों आई है इसका किसी के पास जवाब नहीं है ।
रिपोर्ट@राम मिश्रा

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