डीएसपी देविंदर सिंह ने अपने घर में आतंकियों को दी थी पनाह, खुद कबूला गुनाह

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शनिवार को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ गिरफ्तार किए गए डीएसपी दविंदर सिंह को लेकर रोज़ाना नए खुलासे हो रहे हैं। दविंदर सिंह को सोमवार को सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस और इंटेलिजेंस अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं। इस बीच पता चला है कि दविंदर सिंह ने आतंकियों को अपने घर में पनाह दे रखी थी।

जांच अधिकारियों ने घटना की कड़ियों को जोड़ते हुए कहा कि इरफान नाम का एक वकील प्रतिबंधित हिजबुल मुजाहिदीन के स्वयंभू जिला कमांडर नवीद बाबा और अल्ताफ को शुक्रवार को अधिकारी के घर लेकर गया था। पुलिस के अनुसार इरफान आतंकी समूहों के लिए काम करता था।

दविंदर का घर बादामी बाग छावनी इलाके में सेना की 16वीं कोर के मुख्यालय के पास है। पुलिस ने दविंदर सिंह के घर पर छापेमारी के दौरान एक AK-47 राइफल और 2 पिस्टल भी बरामद की है। अधिकारियों ने सोमवार को ये जानकारी दी।

जानकारी के मुताबिक, जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर मीर बाजार में जब दविंदर सिंह को पकड़ा गया था, तब वो हिजबुल मुजाहिदीन आतंकियों को कश्मीर से चंडीगढ़ ले जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि इन आतंकियों ने शुक्रवार को दविंदर के घर पर ही डिनर किया और रात वहीं बिताई। इन आतंकियों की पहचान शीर्ष हिजबुल कमांडर नवीद बाबू और उसके दो साथी इरफान और अल्ताफ के तौर पर हुई है। इन आतंकियों को कश्मीर से सुरक्षित बाहर निकलवाने के लिए दविंदर सिंह ने सिंह ने रविवार से गुरुवार तक छुट्टी के लिए आवेदन किया था।

अधिकारियों ने बताया कि दविंदर सिंह तीनों आतंकियों को सादे कपड़े में शनिवार सुबह करीब 10 बजे घर से निकले थे। पुलिस ने श्रीनगर से लगभग 60 किलोमीटर दूर उनकी कार को रोका था। अधिकारियों ने बताया कि गड़बड़ी कर फंस जाने के बाद दविंदर सिंह पुलिसवालों के सवालों का गोलमोल जवाब दे रहे थे, जिसके बाद उन्हें आतंकियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया और बाद में उनके घर की तलाशी ली गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हिजबुल कमांडर नवीद बाबू की गिरफ्तारी बड़ी सफलता है, उसके सिर पर 20 लाख रुपये का इनाम था। वहीं, इरफान पिछले कुछ सालों में करीब पांच बार पाकिस्तान का दौरा कर चुका था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों के पास उसकी गतिविधियों की कोई खास जानकारी नहीं थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दविंदर सिंह श्रीनगर के इंदिरानगर इलाके में एक आलीशान घर बनवा रहा था। ये इलाका श्रीनगर का सबसे सुरक्षित क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि इसके नजदीक ही आर्मी बेस है। दविंदर का ये घर 2017 से तैयार हो रहा है। इस घर की दीवार 15 कॉर्प्स के हेडक्वार्टर्स से लगी हुई है।

वैसे ये पहला मौका नहीं है, जब दविंदर सिंह गलत कारणों से सुर्खियों में रहे हैं। संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के 2013 में लिखी गई एक चिट्ठी में सिंह पर कई आरोप लगाए गए थे। हालांकि, आरोपों की जांच की गई और सबूत के साथ उसकी पुष्टि नहीं हो पाई।

बहरहाल, दविंदर सिंह की गिरफ्तारी से जम्मू-कश्मीर पुलिस की छवि पर असर हो सकता है, लेकिन पूर्व पुलिस महानिदेशक कुलदीप खोड़ा ने अपने वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ्तार करने में एक बार भी संकोच नहीं करने के लिए पुलिस बल की सराहना की।