प्रताड़ित हिंदुओं की शरणस्थली बनेगा भारत, जिन्ना का अनुयायी है कांग्रेस – BJP

नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019 में सिर्फ गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को ही भारतीय नागरिकता देने के प्रावधान पर बीजेपी नेताओं ने सफाई दी है।

बिहार के बक्सर से पार्टी के सांसद अश्विनी चौबे ने तो बिल का विरोध कर रही कांग्रेस को जिन्ना का अनुयायी तक बता दिया।

वहीं, बिहार के ही बेगूसराय से सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि यह बिल किसी से भेदभाव नहीं करता है, बल्कि यह पड़ोसी देशों में प्रताड़ित हो रहे अल्पसंख्यक समुदाय के लिए भारत को स्वर्णस्थली (शरणस्थली) बनाने का प्रयास है।

वहीं, केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी बिल के जरिए धार्मिक अजेंडा साधने के आरोपों को खारिज करते हुए पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की आबादी में तेज गिरावट का हवाला दिया।

बीजेपी सांसद अश्विनी चौबे ने नागरिकता विधेयक के कांग्रेस के विरोध पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के लिए कहा, ‘आपने तो जिन्ना को माना था। आप तो वही काम कर रहे थे। हम जिन्ना को तो मानने वाले नहीं है, हम मूल गांधीवादी लोग हैं। विदेशी घुसपैठियों के लिए यहां कोई जगह नहीं है। हिंदुओं के लिए भारत को छोड़कर दुनिया में कहीं जगह नहीं है। वो (मुसलमान) कहीं भी जा सकते हैं।’

संसद की कार्यवाही में भाग लेने से पहले बीजेपी सांसद गिरीराज सिंह ने बिल के विरोध के सवाल पर कहा कि लोकतंत्र में सबको विरोध करने का अधिकार है।

हालांकि, उन्होंने लगे हाथ यह सवाल भी कर दिया कि क्या पड़ोसी देशों में गैर-मुस्लिमों पर अत्याचार नहीं हो रहे हैं?

उन्होंने पूछा, ‘क्या यह सच नहीं है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से जो गैर-मुस्लिमों के साथ जो अत्याचार हो रहा है। वहां गैर-मुस्लिम प्रताड़ित हो रहे हैं और उनकी आबादी तेजी से घटी है। धर्म के आधार पर बंटवारे के बाद भी हमने सर्वधर्म समभाव की भावना बरकरार रखी। लेकिन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान में गैर-हिंदुओं की माता-बहनें सुरक्षित नहीं हैं, उनके पूजास्थल सुरक्षित नहीं हैं।’

गिरिराज ने कहा, ‘सबको देखना चाहिए कि 1947 के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू की बेटियों के साथ बलात्कार हो रहा है। हमारा फर्ज बनता है कि उनके लिए (भारत को) शरणस्थली बनाएं।’

उधर, केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने नागरिकता संशोधन विधेयक को मानवता की दृष्टि से जरूरी बताया।

उन्होंने कहा, सिटिजनशिप बिल के पीछे एक ऐतिहासिक सच्चाई है जिसे कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता है। जब इस देश का बंटवारा हुआ था तो पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की आबादी 24 प्रतिशत से ज्यादा थी और आज उनकी आबादी घटकर 2 प्रतिशत से भी कम हो गई।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर जितने बड़े स्तर पर जुल्म हुआ, उनका कत्लेआम हुआ, उनका धर्म परिवर्तन हुआ, उससे वो पूरी तरह असहाय हैं। अगर उन्हें यहां हम मदद कर रहे हैं तो इसे मानवीय आधार पर देखने की जरूरत है।