कौशाम्बी: सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 को केन्द्र की कांग्रेस गठबंधन की यूपीए 1 सरकार ने आम जनमानस को पंचायत स्तर से लेकर केन्द्रीय मंत्रालय में भी सूचना का अधिकार नामक हथियार से विकास कार्यों एवं अन्य से संबंधित सूचना लेने का अधिकार भी दिया था जिसके बल पर देश के कई छोटे – बड़े भ्रष्टाचार एवं गबन के खुलासे हुए हैं । इतना ही नहीं इस कानून के तहत समूचे देश में कई सूचना कार्यकर्ताओं की मौत भी हो चुकी है । इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद में भी सूचना कार्यकर्ताओं के ऊपर हमला हुआ है जिसमे सूचना कार्यकर्ताओं पर पंचायत विभाग के ADO (S/T), ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम प्रधान व प्रधान पति एवं पुत्रों ने मिलकर हमला करते हुए मारपीट व गाली गलौच के साथ ही जान से मारने की धमकी देते हुए जबरन सादे कागज पर सूचना प्राप्ति लिखाकर हस्ताक्षर करवा लिया है । बताते चलें कि कौशाम्बी जनपद के सूचना कार्यकर्ता दिनेश कुमार, मुकेश कुमार एवं अन्य ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जनपद के विभिन्न ब्लॉकों के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों से संबंधित सूचना खण्ड विकास अधिकारी से मांगी थी लेकिन कानून के मुताबिक तय समयावधि बीत जाने के बाद भी सूचना न मिलने पर प्रथम अपील के तहत मुख्य विकास अधिकारी को अपील किया था।

जिसके बाद पूर्व में 28 अप्रैल 2018 को मुख्य विकास अधिकारी के समक्ष सुनवाई हेतु उक्त सूचना कार्यकर्ता उपस्थित हुए लेकिन उस दौरान कोई भी अधिकारी सुनवाई में उपस्थित न हो सका जिसके बाद दूसरी सुनवाई हेतु 7 मई 2018 को सुनवाई लगी थी जिसके उपरांत उक्त सूचना कार्यकर्ता निर्धारित समय पर उपस्थित हुए तभी पहले से योजनाबद्ध तरीके से चायल ब्लॉक में तैनात ADO S/T प्रमोद कुमार व ग्राम पंचायत अधिकारी अनीता तिवारी CDO कार्यालय में ही उक्त सूचना कार्यकर्ताओ से बहस करने लगे तभी उक्त ADO ने सिराथु विकास खण्ड से आये ग्राम पंचायत अधिकारी पुनीत सिंह, आशीष केशरवानी व इनके साथ कई अन्य ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम प्रधान, प्रधान पति एवं प्रधान पुत्र सहित अन्य ब्लॉक के भी कई ग्राम पंचायत अधिकारी जोकि अपने प्रधान, प्रधान पति व प्रधान पुत्रों व अन्य दर्जनों गुर्गे लेकर CDO के स्टेनो कक्ष पहुंच कर सूचना कार्यकर्ताओं को मारने पीटने लगे तथा उक्त सूचना कार्यकर्ताओ की जाति पूँछकर जोकि अनुसूचित जाति से संबंधित थे गाली गलौज करते हुए ADO चायल प्रमोद कुमार व सिराथु के ग्राम पंचायत अधिकारी पुनीत सिंह व आशीष केशरवानी ने जूता उतारकर मारने लगे व तभी चायल की ग्राम पंचायत अधिकारी अनीता तिवारी जबरन घसीटते हुए व कालर पकड़कर बाहर लायी जहां पहले से मौजूद विभिन्न पंचायतों के ग्राम प्रधान / प्रधान पति / प्रधान पुत्र ने सूचना कार्यकर्ताओं को खूब मार पीटा व सूचना प्राप्त होने का लेख लिखकर जबरन हस्ताक्षर करवाने लगे थे आखिरकार जान जाने की भी से डरवस हस्ताक्षर बनाने लगे कुछ ने तो सादे पन्ने पर भी हस्ताक्षर बनवाने लगे थे ।

इतना ही नहीं इन लोगों को भविभय में सूचना मांगने या समाचार कवरेज करने गए तो जान से मारने की भी धमकी देते रहें । इतना सब होता रहा लेकिन विकास भवन के अधिकारी व कर्मचारी तथा तैनात सुरक्षा गार्ड मूक दर्शक बन तमाशा देखते रहें । इस सब के बाद प्रमोद द्वारा डायल 100 पर फोन कर PRV बुलाई गई जहां उक्त लोगों को मंझनपुर कोतवाली ले जाया गया वहां मौजूद थाना प्रभारी ने बात सुनी व इस दौरान उक्त प्रमोद द्वारा सूचना कार्यकर्ताओं के सीनियर शीबू खान को आई एस आई एजेंट तक कह डाला जिस पर मौजूद थानाध्यक्ष एवं अन्य गणमान्य लोगों द्वारा एतराज करते हुए भाषा पर सयंम रखते हुए फटकार भी लगाई गई । जिनके बाद पीड़ित सूचना कार्यकर्ता द्वारा जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, थानाध्यक्ष मंझनपुर सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को भी शिकायती पत्र भी दिया है व जान माल की हिफाज़त की भी मांग की है साथ ही अवगत कराया कि विकास कार्यों की सूचना न देना स्पष्ट दर्शाता है कि कहीं न कहीं इन पंचायतों में काफी गबन व घोटाला का मामला जरूर है जिस पर सभी अधिकारियों द्वारा कठोर कार्यवाही करने का आश्वासन दिया गया ।

रिपोर्ट @ इश्तियाक अहमद