नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी में साल 2008 में हुए बाटला हाउस मुठभेड़ मामले में एक स्थानीय अदालत ने फ्लैट के केयरटेकर को आतंकवादियों को फ्लैट में किराये पर रखने के आरोप से मंगलवार को मुक्त कर दिया। दक्षिणी दिल्ली के बाटला हाउस में 2008 में हुई मुठभेड़ में दो संदिग्ध आतंकवादी मारे गए थे। इस दौरान हुई गोलीबारी में दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा शहीद हो गए थे।

जिस फ्लैट में यह मुठभेड़ हुई थी, उसके केयरटेकर अब्दुल रहमान पर आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त लोगों को किराये पर रखने का आरोप था। लेकिन मंगलवार को हुई सुनवाई में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजकुमार त्रिपाठी ने उन्हें आरोपमुक्त कर दिया।

बचाव पक्ष के वकील एम.एस. खान ने कहा कि पुलिस मूल लीज डीड पेश करने में नाकाम रही।यह इस मामले में एक महत्वपूर्ण साक्ष्य था।

13 सितंबर 2008 को दिल्ली के करोल बाग, कनाट प्लेस, इंडिया गेट व ग्रेटर कैलाश में सीरियल बम धमाके हुए थे। इन बम धमाकों में 26 लोग मारे गए थे, जबकि 133 घायल हो गए थे।

दिल्ली पुलिस ने जांच में पाया था कि बम ब्लास्ट को आतंकी गुट इंडियन मुजाहिद्दीन ने अंजाम दिया है। घटना के 6 दिन बाद 19 सितंबर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि इंडियन मुजाहिद्दीन के पांच आतंकी बटला हाउस स्थित एक मकान में मौजूद हैं।

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