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नई दिल्ली- उद्योगपति विजय माल्या ने कहा कि मीडिया उनका पीछा कर रहा है, लेकिन अफसोस कि वे उनकी सही जगह तलाश नहीं कर रहे हैं। माल्या ने ट्वीट किया कि मैं मीडिया से बात नहीं करूंगा, इसलिए अपनी मेहनत बेकार मत करो। अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने 9 मार्च को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि माल्या 2 मार्च को ही देश छोड़ चुके हैं।

माल्या ने रविवार को ट्वीट किया, “यूके में मीडिया मेरा पीछा कर रहा है। लेकिन अफसोस है कि वे सही जगह तलाश नहीं कर रहे हैं। मैं मीडिया से बात नहीं करूंगा, इसलिए अपनी मेहनत बेकार मत करो।”

अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने 9 मार्च को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि माल्या 2 मार्च को ही देश छोड़ चुके हैं। बैंकों ने माल्या का पासपोर्ट जब्त करने संबंधी याचिका सुप्रीम कोर्ट में दी थी।

भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले कंसोर्शियम ने 9000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज नहीं चुका पाने के मामले में माल्या के खिलाफ कोर्ट और ट्रिब्यूनल में अपील की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विजय माल्या ने जिस पासपोर्ट पर भारत छोड़ा था वह उन्हें संसद सदस्य की हैसियत से जारी किया गया था। दो मार्च को जब उन्होंने लंदन के लिए उड़ान भरी थी तो इस डिप्लोमैटिक पासपोर्ट का सहारा लिया था। दरअसल माल्या की वित्तीय हालत खराब होने की मुख्य वजह किंगफिशर एयरलाइंस KFA का डूब जाना है। इसी की हालत सुधारने की कोशिश में कई बार माल्या ने लोन के लिए कई बैंक में आवेदन किया। सीबीआई सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि योगेश अग्रवाल ने भी विजय माल्या को 900 करोड़ लोन को जारी किया था।
आप को बता दें कि माल्या को लोन देने वाले बैंक 9,000 करोड़ रूपए को रिकवर करने के लिए उनकी प्रॉपटीज बेचना चाहते हैं। बैंकों के सुप्रीम कोर्ट जाने पहले ही माल्या ने भारत को छोड़ दिया।