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खनिज विभाग कुम्भकर्णी नींद में, नदियो में अवैध उत्खनन जारी !

betul madhya pradeshबैतूल- नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद 14 जून से नदियों की रेत खनन पर रोक लग जाती है किन्तु बैतूल का खनिज विभाग कुम्भकर्णी की नीद में सो रहा है । यहां नदियों में बड़े पैमाने पर रेत का खनन वर्षा काल में भी जारी है ।

बैतूल जिले के आदिवासी बाहुल्य भीमपुर विकास खंड के जामू ग्राम पंचायत के रातामाटी गांव में नादिया घाट पर सैकड़ो ट्रेक्टरों से रेत निकाल कर ट्रक और डम्फरो से भैंसदेही के स्थानीय भाजपा नेता महाराष्ट्र भेजने का काम कर रहे है ।

जिला खनिज अधिकारी पटेल भी इस बात को स्वीकरते है लेकिन अवैध उत्खनन कर्ताओ को रोक नहीं पा रहे है श्री पटेल कहते है कि 14 जून से 1अक्टूबर वर्षा काल में नदियों से रेत खनन पर पूर्णतयः प्रतिबन्ध हैं यदि रेत का खनन हो रहा हैं तो कार्यवाही की जायेगी ।

कर्यवाही कब होगी इसका जवाब उनके पास भी नहीं है ।यह मामला तो जिला मुख्यालय से दूर का है लेकिन नगरीय सीमा से महज 20 किलो मीटर की दूरी पर रानीपुर,आमधाना, खोकरा,खमालपुर,और अनकावाडी के अलावा कोदारोटी,माथनी से गुज़र रही नदियो से रोज़ाना सुबह से शाम तक सैकड़ो ट्रेक्टर रेत अवैध उत्खनन कर लाइ जा रही है और विभाग आँखे बंद कर ऑफिस की फाइलो में उलझे हुए हुए है ।

एक ठेकेदार और पूरे जिले में रायल्टी ।
इंदौर की डिजियाना कम्पनी ने शहापुर ब्लॉक में दौड़ी, मालवर खदान को शाशन से नीलामी में ली ।बरसात शुरू होने के पूर्व कंपनी ने भंडारण की अनुमति लेकर रेत जमा कर तो कर ली उसे बेचीं नहीं इसकी आड़ में बारिश में ही नदियो से रेत निकाल कर बड़े पैमाने पर बेचीं जा रही है ।इसी की आड़ लेकर पूरे जिले कही से भी अवैध रेत ले जाने वालों को रॉयल्टी रसीद भी थमा रहे है ।

पुलिस ने पकडे 5 ट्रेक्टर,लेनदेन कर छोड़े ।
भैंसदेही थाना क्षेत्र में आने वाली रातामाटी की ताप्ती नदी से कल रात पुलिस वालों ने 4 ट्रेक्टर पकडे जिसे खनिज विभाग को सौपने की बाजाए थाने से ही लेनदेन कर छोड़ दिया गया ।

रेत खनन के साथ मछली, केकड़ा मुफ्त
ताप्ती नदी में रेत के अवैध उत्खनन के बाद नदी किनारे बसे आदिवासियों को मुफ्त में खाने के लिए बड़े पैमाने पर मछलियां मिल रही हैं ।घोघरा गांव के 60 वर्षीय सुमरत ने बताया कि नदी में बड़े पैमाने पर रोज मरी हुई बड़ी बड़ी मछलियां मिल रही हैं पूरा गांव सुबह से शाम तक मछलियां एकत्रित कर खा रहा हैं।वः बड़ी ही सहजता से कहता है कि रेत भरने के लिए ट्रेक्टर नदी के पानी में जाते हैं तो मछलियां मर जाती है जिसे पकड़कर घर ले आते हैं ।

रिपोर्ट:- अकील अहमद






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