महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए कांग्रेस के नाना पटोले

कांग्रेस नेता नाना पटोले निर्विरोध महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष बन गए हैं। अब तक की राज्य विधानसभा की परंपरा के मुताबिक उन्हें निर्विरोध चुना गया है।

कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी के गठबंधन महाविकास आघाड़ी ने उन्हें संयुक्त रूप से स्पीकर पद का उम्मीदवार बनाया था। इससे पहले भाजपा ने उनके खिलाफ किशन कठोरे को उम्मीदवार के तौर पर उतारा था।

हालांकि चुनाव से पहले भाजपा ने उनके नाम को वापस ले लिया। पटोले विदर्भ में साकोली विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं जबकि कथोरे ठाणे में मुरबाड से विधायक हैं। यह दोनों का विधायक के तौर पर चौथा कार्यकाल है।

भाजपा नेता देवेंद फडणवीस ने विधानसभा में कहा, ‘हमने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए किसान कथोरे को मनोनीत किया था वेकिन सर्वदलीय बैठक में दूसरी पार्टियों ने हमसे अनुरोध किया और यह परंपरा रही है कि विधानसभा अध्यक्ष निर्विरोध चुना जाता है। इसलिए हमने उनके अनुरोध को माना और अपने उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया।’

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने नाना पटोले के विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद कहा, ‘नाना पटोले भी किसान परिवार से आते हैं और मुझे पूरा विश्वास है कि वह हर किसी के साथ न्याय करेंगे।’

कांग्रेस उम्मीदवार नाना पटोले निर्विरोध विधानसभा अध्यक्ष चुने गए हैं।

एनसीपी के नेता छगन भुजबल ने विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव को लेकर कहा, ‘पहले विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष के पद के लिए फॉर्म भरा था लेकिन अन्य विधायकों के अनुरोध और विधानसभा की गरिमा को बनाए रखने के लिए उन्होंने अपने उम्मीदवार का नाम वापस लिया। अब विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव निर्विरोध होगा।’

बता दें कि कांग्रेस के नाना पटोले को महा विकास अघाड़ी के विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए चुना गया है।

महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा, ‘भाजपा ने कल किसान कठोरे को महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के पद के लिए नामित किया था। लेकिन कई बार अनुरोध किए जाने के बाद हमने कथोरे की उम्मीदवारी वापस लेने का फैसला किया है।’

महाराष्ट्र में शिवसेना के नेतृत्व में बनने वाली गठबंधन सरकार को लेकर सबकी नजर दिल्ली में रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की बैठक पर टिकी है।

बैठक में शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी की सरकार के भविष्य के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

इस बीच, नागपुर में पवार ने कहा कि तीन दल मिलकर सरकार बना रहे हैं, इसलिए समय लग सकता है।