मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि हिंदू धर्म की सारी ठेकेदारी भारतीय जनता पार्टी की नहीं है बल्कि कांग्रेस भाजपा से ज्यादा धार्मिक है।

गठबंधन पर की खुलकर बात

महागठबंधन पर चल रही उथलपुथल पर कमलनाथ ने कहा कि हम अभी भी गठबंधन पर काम कर रहे हैं। जहां तक बीएसपी का सवाल है उसकी कहानी थोड़ी अलग है।

चूंकि उनका वोट शेयर 6.3 फीसदी है इसलिए वह प्रदेश में 50 सीटों की मांग कर रहे हैं। अब दो तीन हजार वोट के लिए इतना बड़ी सीट पर समझौता हमने नहीं किया है।

मायावती ने पिछले दिनों कांग्रेस पर आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में वह बीएसपी को खत्म करना चाहती है इस पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी पार्टी को खत्म नहीं करने जा रही है। हमारा मकसद सिर्फ भाजपा को हराना है। और उसे हराने में जो भी पार्टी हमारे साथ आती है वह हमारे गठबंधन में शामिल हो सकती है।

वहीं कमलनाथ ने मायावती पर पलटवार भी किया। मायावती द्वारा दिग्विजय सिंह को आरएसएस और भाजपा का एजेंट बताए जाने को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह ने अपनी पूरी जिंदगी भाजपा और आरएसएस से लोहा लेने में बिता दी, मुझे नहीं पता मायावती ऐसी बातें क्यों कह रही हैं।

हम दिखावा नहीं करते

पिछले दिनों राहुल गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ की आरती करती हुई एक फोटो वायरल हुई। इसके बाद कहा जाने लगा कि कांग्रेस पार्टी सीधे तौर पर सॉफ्ट हिंदुत्व को बढ़ावा दे रही है।

ऐसे सवालों से बौखलाए कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस को धर्म भुनाने की जरूरत नहीं है। हमारी पार्टी धर्म को राजनीति प्लैटफॉर्म पर नहीं लाती है। हम सभी पूजा-पाठ करते हैं, हम सभी आरती करते हैं।

कमलनाथ ने कहा कि मैंने कभी चर्चा नहीं की और ना ही प्रचार किया, लेकिन मैं यह बताना चाहता हूं कि छिंदवारा में मैंने बहुत पहले 104 फीट ऊंची हनुमान जी की मूर्ति और मंदिर बनवाया था। हम भी धार्मिक उत्सव मनाते हैं लेकिन हम इसका प्रचार नहीं करते।

उन्होंने मीडिया पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस को सॉफ्ट हिंदुत्व बतानेवाला मीडिया है। यह मीडिया है जो पूजा-पाठ को एक इवेंट की तरह प्रस्तुत कर रहा है।

हिंदुत्व की ठेकेदारी सिर्फ भाजपा की नहीं है वह अकसर ऐसा दिखाती रहती है कि हम हिंदू के ठेकेदार हैं। लेकिन मैं आपको यह बता दूं कि हम ऐसा नहीं करते हैं। हम भी धार्मिक हैं और मैं यह कहना चाहता हूं कि हम भाजपा से ज्यादा धार्मिक हैं।