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रैली की इजाजत नहीं तो बीजेपी पहुंच गई हाई कोर्ट

Amit_Shahकोलकाता [ TNN ] पश्चिम बंगाल में बीजेपी और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक जंग आने वाले दिनों में और तीखी हो सकती है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की 30 नंवबर को प्रस्तावित रैली के लिए कोलकाता पुलिस से अनुमति नहीं मिलने पर पार्टी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने बीजेपी की अर्जी स्वीकार कर ली है और संभावना है कि इस पर कल सुनवाई हो।

कोलकाता पुलिस ने पिछले सप्ताह कहा था कि नगर निगम की मंजूरी नहीं होने के वजह से बीजेपी को रैली की अनुमति नहीं दी गई है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने इसे रैली करने से रोकने की तृणमूल कांग्रेस की हताश कोशिश बताया है। सिन्हा ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी बीजेपी के बढ़ने से भयभीत है। उन्होंने सवाल किया कि क्या पुलिस हमें दिखा सकती है कि तृणमूल कांग्रेस ने 21 जुलाई की अपनी रैली के लिए कोलकाता नगर निगम से मंजूरी ली थी?

गौरतलब है कि बीजेपी ने इस्पलैंड स्क्वेयर पर रैली करने की इजाजत मांगी थी। इसी जगह पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 21 जुलाई को साल की सबसे बड़ी रैली की थी। लोकसभा चुनाव के बाद राज्य में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में कई जगहों पर हिंसक संघर्ष हुए हैं। रविवार शाम को भी हावड़ा के बांधगघाट मोड़ पर बीजेपी की जनसभा में बम से हमला किया गया। बम फटने की वजह से बीजेपी के दो कार्यकर्ता घायल भी हो गए। बम फेंकने का आरोप तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर लगा है।

दूसरी तरफ, शारदा चिटफंड घोटाले में लगातार अपने मंत्रियों और पार्टी के सांसदों के नाम आने से राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी परेशान हैं। बनर्जी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा था कि उनकी पार्टी के सांसद सृंजॉय बोस को राजनीति के तहत गिरफ्तार करने का आरोप लगाया था। सृंजॉय बोस शारदा चिटफंट घोटाले में आरोपी हैं और इस मामले में गिरफ्तार होने वाले तृणमूल के दूसरे सांसद हैं। ममता ने यहां तक आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में दंगे करवाने के लिए केंद्र ने ही बर्द्धमान धमाका करवाया।

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