कैलाश विजयवर्गीय का अजीब बयान, ‘पोहा खाने के तरीके’ से बांग्लादेशियों को पहचाना

इंदौर : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को लेकर पीएम मोदी के ‘कपड़ों से पहचानने’ वाले बयान के बाद अब बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के ‘पोहा खाने के तरीके’ से मैं समझ गया कि वे बांग्लादेशी हैं।

इंदौर प्रेस क्लब में ‘लोकतंत्र-संविधान-नागरिकता’ विषय पर एक परिचर्चा में हिस्सा लेते हुए विजयवर्गीय ने कहा, ‘हाल ही में मेरे घर में एक कमरा बन रहा था, वहां कुछ मजदूरों के खाना खाने का स्टाइल मुझे अजीब लगा। वे केवल पोहा खा रहे थे। मैंने उनसे और उनके ठेकेदार से बात की और पूछा कि क्या ये बांग्लादेशी हैं? इसके बाद वे मजदूर काम पर ही नहीं आए।’

विजयवर्गीय ने आगे कहा कि मैंने पुलिस में इस मामले को लेकर फिलहाल शिकायत दर्ज नहीं कराई है। मैंने तो केवल लोगों को जागरूक करने के लिए उन मजदूरों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा, ‘अफवाहों से गुमराह मत होइए, सीएए में देश का हित है। यह कानून असल शरणार्थियों को नागरिकता देगा और इससे घुसपैठियों की पहचान होगी। ये घुसपैठिए देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं।’

गौरतलब है कि इससे पहले झारखंड के दुमका में आयोजित चुनावी रैली में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए पीएम ने कहा, ‘कांग्रेस और उसके साथी तूफान खड़ा कर रहे हैं। उनकी बात चलती नहीं है तो आगजनी फैला रहे हैं। ये जो आग लगा रहे हैं, ये कौन हैं, उनके कपड़ों से ही पता चल जाता है। देश का भला करने की, देश के लोगों का भला करने की इन लोगों से उम्मीद नहीं बची है। ये सिर्फ और सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचते हैं।’