भारतीय जनता पार्टी के कर्नाटक से एक विधायक अपने विवादित बयान की वजह से सुर्खियों में हैं। उनका कहना है कि यदि वह गृह मंत्री होते तो पुलिस को बुद्धिजीवियों को गोली मारने का आदेश दे देते। इन विधायक का नाम बसनागोदा पाटिल यतनाल है। विजयपुरा के विधायक ने उदारवादी और बुद्धिजीवीयों को देश विरोधी करार दिया है।

यतनाल ने कहा, ‘यह लोग (बुद्धिजीवी) इस देश में रहते हैं और यहां कि सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं जिसके लिए हम लोग टैक्स देते हैं। इसके बाद वे भारतीय सेना के खिलाफ नारे लगाते हैं।

हमारे देश को इन बुद्धिजीवियों और धर्म निरपेक्ष लोगों से किसी और के बजाए सबसे ज्यादा खतरा है।’ उन्होंने यह बातें कारगिल दिवस के मौके पर कहीं।

इससे पहले विधायक ने उस समय विवाद खड़ा कर दिया था जब उन्होंने स्थानीय पार्टी के पार्षदों से मुस्लिमों की मदद ना करने के लिए कहा था।

यतनाल 1994 से 1999 के बीच भाजपा के विधायक और 1999 से 2009 के बीच बीजापुर से सांसद रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के अंतर्गत यतनाल ने 2002 से 2004 के बीच वस्त्र और रेलवे राज्य मंत्री का पदभार संभाला था।

साल 2010 में यतनाल से भाजपा का दामन छोड़कर जनता दल (सेक्युलर) का हाथ थाम लिया था। एक साल बाद ही वह जेडीएस छोड़कर स्वतंत्र एमएलसी बन गए। हालांकि साल 2013 में वह वापस भाजपा में लौट आए।