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पाक एजेंसी ISI के बड़े जासूसी रैकेट का हुआ खुलासा

stf pak isiनई दिल्ली- जम्मू और कोलकाता में पांच लोगों की गिरफ्तारी के साथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के बड़े जासूसी रैकेट का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा पकड़े गए दो जासूसों में बीएसएफ का एक जवान भी शामिल है। दूसरी ओर, मेरठ में सैन्य खुफिया दस्तावेजों के साथ पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस के तीन मददगार एजेंटों को कोलकाता एसटीएफ ने दबोच लिया है। इनसे साढ़े तीन लाख रुपये की नकली भारतीय करेंसी भी बरामद की गई। इनमें दो एजेंट 10 साल से आईएसआई के संपर्क में थे। वहीं, एक अन्य आरोपी अब भी सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर है। इस तरह बीते कुछ दिनों में आधा दर्जन से ज्यादा आईएसआई के एजेंट दबोचे जा चुके हैं।

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा द्वारा पकड़े गए जासूसों की पहचान जम्मू-कश्मीर के राजौरी निवासी कैफेतुल्लाह खान उर्फ मास्टर राजा (44) और बीएसएफ हवलदार अब्दुल रशीद के रूप में हुई है। दोनों रिश्तेदार हैं। कैफेतुल्लाह आईएसआई के इशारे पर भारतीय सुरक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेज को ईमेल, वाइबर और वाट्सएप के जरिये पाकिस्तान भेज रहा था। अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी भारत में जासूसी रैकेट चला रही है। उसका संचालक कैफेतुल्लाह राजौरी जिले में गांव कलाई, पीएस मंजाकोट से जासूसी कर रहा है।

बृहस्पतिवार को कैफेतुल्लाह को जम्मू से भोपाल जाते समय नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट ने उसे सात दिन की पुलिस कस्टडी में सौंप दिया। इसके बाद पुलिस उसे लेकर जम्मू-कश्मीर गई। अपने गांव के एक स्कूल में लाइब्रेरी असिस्टेंट के पद पर तैनात कैफेतुल्लाह 2013 में पाकिस्तान गया था, जहां उसकी मुलाकात आईएसआई के कुछ अधिकारियों से हुई। उन्होंने कैफेतुल्लाह को भारतीय सुरक्षा (सुरक्षा बलों की तैनाती और वायु सेना के ऑपरेशन की जानकारी) से जुड़ी अहम जानकारियां पाकिस्तान भेजने के लिए राजी कर लिया। लौटकर उसने बीएसएफ की इंटेलीजेंस विंग में तैनात रशीद को अपने साथ मिला लिया। पूछताछ के बाद कैफेतुल्लाह की निशानदेही पर पुलिस ने रविवार को जम्मू-कश्मीर से रशीद को भी दबोच लिया।

दोनों के पास से कुछ अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। आशंका है कि कैफेतुल्लाह के कुछ और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों में जासूस हैं। पुलिस उनका पता लगा रही है। दोनों के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दूसरी ओर, शुक्रवार को गिरफ्तार पाक जासूस मोहम्मद इजाज से पूछताछ के बाद यूपी एसटीएफ की एक टीम रात में ही कोलकाता रवाना हो गई थी।

कोलकाता के एक वरिष्ठ एसटीएफ अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने रविवार को दक्षिणी कोलकाता के इकबालपुर थाना क्षेत्र से इरशाद अंसारी (51), उसके बेटे अशफाक अंसारी (23) और उसके रिश्तेदार मोहम्मद जहांगीर को गिरफ्तार किया। कोलकाता एसटीएफ ने इरशाद से दो लाख और उसके बेटे अशफाक एवं जहांगीर से डेढ़ लाख रुपये मूल्य के नकली भारतीय नोट भी बरामद किए।

पुलिस ने दावा किया कि इरशाद और जहांगीर आईएसआई से 10 साल से अधिक समय से जुड़े हुए हैं। इरशाद और जहांगीर के रिश्तेदार कराची में हैं और उन्हीं के जरिए ये आईएसआई से जुड़े थे। बीए के छात्र अशफाक के संबंध में अभी पूरी जानकारी हासिल की जानी है। एसटीएफ ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में से एक आरोपी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड में संविदा मजदूर है। कोलकाता पुलिस यूपी एसटीएफ के संपर्क में है। सीओ एसटीएफ अनित कुमार ने बताया कि इजाज की गिरफ्तारी के बाद कोलकाता पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। उधर, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के लिए रविवार को एसटीएफ की एक टीम तुरंत कोलकाता रवाना कर दी गई है।

शुक्रवार को यूपी एसटीएफ ने पाक जासूस मोहम्मद इजाज को गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी अहम साबित हुई। पूछताछ में इजाज ने बताया कि कोलकाता पहुंचकर वह मोहम्मद इरशाद अंसारी निवासी मटीयाबुर्ज साउथ 24 परगना पश्चिम बंगाल से मिला था। इरशाद उसके भाई इरफान और उसके बेटे अशफाक ने अपने एक रिश्तेदार जहांगीर निवासी कसाईपाड़ा कोलकाता के माध्यम से उसके जूनियर हाईस्कूल के फर्जी प्रमाण पत्र, फर्जी वोटर कार्ड, राशन कार्ड बनवाने के अलावा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का खाता भी खुलवाया था। पाक जासूस इजाज के अलावा इरशाद, इरफान, अशफाक और जहांगीर के खिलाफ मेरठ के सदर बाजार थाने में विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की कई थी।

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