Home > India News > प्यार के खातिर पत्थर युद्ध, 400 से ज्यादा घायल

प्यार के खातिर पत्थर युद्ध, 400 से ज्यादा घायल

madhya pradeshछिंदवाड़ा- मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में वर्षो पहले प्यार की खातिर जान देने वाले युवक-युवती की याद में पांढुर्ना गांव में शुक्रवार को आयोजित गोटमार मेला में परंपरा के मुताबिक दो गांवों के बीच पत्थर युद्ध हुआ, जिसमें 400 से ज्यादा लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल दो लोगों को नागपुर रेफर किया गया है।

छिंदवाड़ा के पांढुर्ना में परंपरा के मुताबिक, चंडीमाता के मंदिर के पास जाम नदी पर सावरगांव और पांढुर्ना के लोगों के बीच पोला पर्व (बैलों की पूजा का पर्व) के दूसरे दिन लगने वाले गोटमार मेला में पत्थरबाजी होती आई है। शुक्रवार को भी यह मेला लगा और यहां पहुंचने वालों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थर बरसाए।

पुलिस अधीक्षक जी.के. पाठक ने बताया कि वर्षो से चली आ रही परंपरा के मुताबिक, शुक्रवार को भी गोटमार मेला लगा। इस मेले के दौरान हुए पत्थर युद्ध में 400 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 61 घायल अस्पताल ले जाए गए। दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें नागपुर भेजा गया है। बाकी को मेला स्थल पर ही प्राथमिक उपचार मुहैया कराया गया।

उन्होंने आगे बताया कि इस बार प्रशासन ने गोटमार मेला में गोफन (रस्सी में बांधकर पत्थर फेंकना) के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई थी, क्योंकि रस्सी में बांधकर पत्थर के फेंकने से उसकी रफ्तार कई गुना तेज होकर सामने वाले को ज्यादा आघात पहुंचाती है।

पाठक ने आगे बताया कि सुरक्षा के लिए पांच सौ से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई। साथ ही घायलों को बेहतर उपचार मिल सके, इसके लिए चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहे और एंबुलेंस भी मौके पर रही।

मान्यता का हवाला देते हुए स्थानीय लोग बताते है कि गोटमार मेला एक प्रेमी युगल की प्यार की खातिर जान देने की याद में आयोजित किया जाता है। किंवदंती है कि पांढुर्ना के लड़के को सावरगांव की लड़की से मुहब्बत थी और वह लड़की को लेकर भागा था, जिस पर दोनों गांव के लोगों मे जमकर पत्थरबाजी हुई थी और इसमें प्रेमी युगल मर गए थे। उसी की याद में यहां हर साल गोटमार मेला लगता है।

कई वर्षो से चली आ रही परंपरा के मुताबिक, जाम नदी के बीच में पलाश के पेड़ पर एक झंडा लगाया जाता है। नदी के दोनों किनारों पर गांव के लोग खड़े होकर उस झंडे को गिराने के लिए पत्थर चलाते हैं। जिस गांव के लोग झंडे को गिरा देते हैं, उसे विजेता माना जाता है।




Facebook Comments

Our News Network and website neither have any collaboration and connection directly nor indirectly with “India Today Group/ITG” ,TV Today Network, Channel Tez TV media group .