CAA : सिब्‍बल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- होली के बाद आइए

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की तत्काल सुनवाई के लिए याचिकाओं का उल्लेख किया। एजी केके वेणुगोपाल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की खंडपीठ को बताया कि केंद्र 2 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करेगा।

नई दिल्‍ली : सुप्रीम कोर्ट 7 दिनों के होली ब्रेक में अरजेंट मामलों को सुनने के लिए वेकेशन बेंच बनाएगा। मु्ख्य न्यायधीश एसए बोबड़े की बेंच ने कहा कि होली के एक सप्ताह के ब्रेक में एक वेकेशन बेंच बैठेगी, होली के दिन नहीं लेकिन बाकी सप्ताह ये काम करेगी। अब तक वेकेशन बेंच केवल गर्मियों की छुट्टियों में बैठती थी। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल द्वारा नागरिकता कानून की संवैधानिक वैद्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर अरजेंट सुनवाई की बात कर कोर्ट ने ये कहा।

दरअसल, वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की तत्काल सुनवाई के लिए याचिकाओं का उल्लेख किया। एजी केके वेणुगोपाल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की खंडपीठ को बताया कि केंद्र 2 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करेगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कपिल सिब्बल से कहा कि होली के विराम के बाद इस मामले का फिर से उल्लेख करें।

गौरतलब है कि वकील कपिल सिब्बल ने नागरिकता संशोधन कानून की संवाधानिक वैद्यता को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई अरजेंट लिस्ट उल्लेख किया था। एजी केके वेणुगोपाल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की खंडपीठ को बताया कि केंद्र इसपर 2 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करेगा। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे ने कपिल सिब्बल से कहा कि होली ब्रेक के बाद इस मामले का फिर से उल्लेख करें। बता दें कि ये इतिहास में पहली बार है जब सुप्रीम कोर्ट होली के ब्रेक (9 मार्च से 15 मार्च) में वेकेशन बेंच बनाकर काम करेगा।