अर्थव्यवस्था गिरती रही तो राम मंदिर पर जीत भी नहीं बचा पाएगी – सुब्रमण्यम स्वामी

अपने तल्ख बयानों से अपनी ही पार्टी को असहज कर देने वाले सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर हमला बोला है।

उन्होंने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था को पटरी पर नहीं लाया गया तो राम मंदिर पर विजय भी पार्टी को नहीं बचा पायेगी।

सुब्रमण्य स्वामी ने ‘हफपोस्ट इंडिया’ को दिये इंटरव्यू में कई मुद्दों पर अपनी चिंता जताई। बीजेपी सांसद अपनी पार्टी को चेताते हुए कहते हैं, “देश की आर्थिक स्थिति इतनी ज्यादा खराब है कि दिल्ली और झारखंड चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।” उन्होंने कहा कि अर्थव्यव्स्था को सही दिशा में ले जाने के लिए काम करना होगा।

प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इसका फायदा नजर नहीं आ रहा है। स्वामी ने भ्रष्टाचार पर भी हमला बोला।

उन्होंने कहा कि झारखंड चुनाव में सरयू राय को ठिकाने लगा दिया गया जबकि उनकी ईमानदारी को देखते हुए उनका सम्मान किया जाना चाहिए था।

उन्होंने पूछा कि क्या अयोध्या फैसले का लाभ बीजेपी को खराब अर्थव्यवस्था के कारण मिल जाएगा? भले ही हम राम मंदिर बनाने के लिए गलियों में निकल रहे हैं, जीत की खुशी में मिठाइयां बांट रहे हैं, रैलियों का आयोजन कर रहे हैं मगर अर्थव्यवस्था अहम मुद्दा है।

उन्होंने कहा कि एक शख्स अपने बच्चे की स्कूल फीस अदा नहीं कर पा रहा है। हमलोग उस स्थिति तक पहुंच गये हैं जहां गिरना बाकी है। आर्थिक मोर्चे पर चमत्कार ही तब्दीली ला सकता है। अच्छी नीतियां खराब स्थिति को बदल सकती हैं। लेकिन आने वाले दिनों में मुझे अच्छी नीतियां नजर नहीं आ रही हैं। हां, मैं मानता हूं कि ये बहुत मुश्किल है मगर नामुमकिन नहीं है।

दिल्ली और झारखंड चुनाव के सवाल पर स्वामी का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों को बदल कर हम चुनाव जीत सकते हैं। इसके लिए दिल्ली में अच्छे मुख्यमंत्री उम्मीदवार का चेहरा सामने पेश करना होगा।

उनका मानना है कि अगर असम के गवर्नर जगदीश मुखी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाया जाए तो जीत यकीनी है।