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गोवा के बाद मेघालय में भी बीजेपी गठबंधन की सरकार, ये होंगे मुख्यमंत्री

शिलांग : मेघालय विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को सबसे ज्यादा 21 सीटों पर जीत मिली, लेकिन बावजूद इसके कांग्रेस यहां बहुमत हासिल नहीं कर पाई। इसी बीच भाजपा नेता और उसके सहयोगियों ने राज्‍यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। इसी के साथ NPP के कोनराड संगमा को मुख्‍यमंत्री बनाया जाना तय हुआ है। कोनराड 6 मार्च को मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

इससे पहले देर रात मेघालय कांग्रेस के अध्यक्ष विंसेंट पाला और पार्टी महासचिव सीपी जोशी ने राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात की। साथ ही साथ कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का नेता चुनने के लिए 11 बजे कांग्रेस की बैठक आयोजित की गई।

इस सब के बीच भाजपा भी अपनी सरकार बनाने के सारे प्रयास कर रही है और ऐसा लग रहा है कि मेघालय में सरकार बनाने की लड़ाई अब खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा मेघालय में सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त है। आपको बता दें कि कल राज्य में अपनी हार पर भाजपा ने उम्मीद जताई थी कि क्षेत्रीय पार्टी एनपीपी और यूडीपी को भाजपा के साथ मिलकर राज्य में गैर-कांग्रेसी सरकार बनाने में सहयोग करना चाहिए।

मेघालय में कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। असम के वित्त मंत्री और पूर्वोत्तर डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) के हेमंत बिस्वा शर्मा ने रविवार को कहा कि भाजपा क्षेत्रीय पार्टी के साथ मिलकर राज्य में अगली सरकार बनाएगी। हेमंत ने कहा कि मुझे विश्वास है कि क्षेत्रीय पार्टी के साथ मिलकर भाजपा मेघालय में अगली सरकार बनाएगी। मेघालय की जनता ने कांग्रेस को खारिज कर दिया है। हम राज्य की जनता को वैकल्पिक सरकार देने के लिए लिए प्रतिबद्ध हैं और इस दिशा में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

अब सभी की निगाहें पूर्व सीएम दोनकुपर रॉय के घर चल रही यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) की बैठक पर टिकी हैं। हालांकि, यूडीपी के एक विधायक ने आजतक से बातचीत में बीजेपी और एनपीपी वाले गठबंधन को अपना समर्थन देने की बात कही है। इधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता किरण रिजिजू, केजे अल्फोंस और बीजेपी मेघालय के सभी विधायक यूडीपी नेताओं से मिलने के लिए दोनकुपर के घर पहुंच गए हैं। जानकारी के मुताबिक, मेघालय के पूर्व सीएम और यूडीपी नेता दोनकुपर रॉय ने भाजपा को समर्थन देने का संकेत दिया है। हालांकि, औपचारिक फैसले के लिए दोनकुपर और उनके विधायकों के बीच चल रही बैठक के खत्म होने का इंतजार है।

अगर भाजपा को यूडीपी का समर्थन मिलता है तो भाजपा चार पार्टियों और एक निर्दलीय विधायक के साथ मिलकर सरकार बना लेगी। ऐसे में उसके पास बहुमत से तीन अधिक 34 सीटें हो जाएंगी। बीजेपी के साथ इस गठबंधन की सरकार में यूडीपी के 6 विधायकों के अलावा एनपीपी के 19 विधायक, पीडीएफ के 4 विधायक, एचएसपीडीपी के 2 विधायक और एक निर्दलीय विधायक शामिल होंगे।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस की तरफ से सरकार बनाने की दावेदारी पेश करते हुए उन्हें लेटर सौंपा। लेटर में लिखा गया है कि कांग्रेस पार्टी राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर बनकर उभरी है। इसलिए संवैधानिक नियमों के अनुसार कांग्रेस को जल्द से जल्द सरकार बनाने के लिए निमंत्रण दिया जाना चाहिए। यह भी कहा गया है कि विधानसभा में तय दिन और समय के अनुसार पार्टी बहुमत सिद्ध कर देगी।

कांग्रेस के दिग्गज नेता कमल नाथ ने कहा कि हमने राज्यपाल को लेटर सौंप दिया है, जिसमें कांग्रेस पार्टी को सरकार बनाने के लिए निमंत्रण देने की मांग की गई है। साथ ही बताया गया है कि चुनाव में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर आई है। कमल नाथ के अनुसार कांग्रेस राज्य में सरकार बनाने को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है।मुकुल संगमा ने कहा, जनता के जनादेश का सम्मान करें। मैं राज्यपाल से मिला। मैंने उन्हें विश्वास दिलाया है कि मैं एक विचार वाले पार्टियों का समर्थन लेकर वापस आउंगा। भाजपा ने मात्र दो सीट जीती है और इस प्रकार कैसे सरकार बना सकती है। क्या वे दूसरे राजनीतिक पार्टी के कंधे पर रखकर बंदूक चलाना चाहते हैं।

मेघालय की 60 सीटों वाले विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा कांग्रेस को 21 सीटों पर जीत मिली। लेकिन इसके बावजूद भी वह बहुमत से पीछे रह गई। वहीं दूसरी तरफ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) को 19 सीटों पर जीत हासिल हुई है। एनपीपी ने भाजपा से अलग चुनाव लड़ा था, लेकिन बहुमत से पिछड़ने पर वो भाजपा से गठबंधन कर कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर सकती है। भाजपा के साथ एनपीपी के गठबंधन के आसार भी मजबूत नजर आ रहे हैं। बता दें कि यहां भाजपा को सबसे कम दो सीटें मिली हैं। दूसरी तरफ नव निर्वाचित विधायक ए.एल हेक को मेघालय विधानसभा में भाजपा का नेता घोषित कर दिया गया है। किरण रिजिजू ने रविवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी।

इधर भाजपा ने शनिवार को कहा कि वह क्षेत्रीय दलों के साथ मिलकर गैर-कांग्रेसी सरकार बनाएगी। असम के वित्त मंत्री हेमंत विस्वा शर्मा ने कहा, सरकार बनाने के लिए हम क्षेत्रीय पार्टी एनपीपी को अपने साथ आने की अपील करेंगे। बता दें कि भाजपा जिसने 47 सीटों से राज्य में चुनाव लड़ा था यहां इसे दो सीट मिले हैं। बताया जा रहा है कि कि भाजपा ने क्षेत्रीय दल यूडीपी, पीडीएफ और एनपीपी स पहले से ही बात करना शुरु कर दिया है। लेकिन अंतिम फैसला तो बाद में ही पता चलेगा। हेमंत बिस्वा शर्मा ने कहा, भाजपा का मुख्य उद्देश्य यहां गैर कांग्रेसी सरकार बनाना है। एनपीपी ने 19 सीटों पर जीत हासिल की है। जबकि अन्य यूडीपी-एचएसपीडीपी ने 8 सीटों पर जीत हासिल की है। मुकल संगमा ने कहा कि, कांग्रेस ने 21 सीटों पर जीत हासिल की है लेकिन बहुमत से अभी भी 10 सीट पीछे है। यह जनादेश है।

बताया जा रहा है कि रविवार को स्वतंत्र उम्मीदवार सैमुअल एस संगमा ने भाजपा के हेमंत बिस्वा शर्मा से मुलाकात की और भाजपा को समर्थन देने की बात कही।

एनपीपी के विधायकों की बैठक शुरु हो गई है। पार्टी प्रमुख कोनराड के संगमा ने कहा, हम इस बैठक में एक फैसला लेंगे। एक समान विचार रखने वाले पार्टियों से बात कर ली गई है। वे भी अपनी बैठक कर रहे हैं। 1-2 घंटे में स्पष्ट तस्वीर सबके सामने होगी। एनपीपी ने 19 सीटों पर जीत हासिल की है।

भाजपा ने शनिवार को कहा कि पार्टी ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मेघालय में बहुमत हासिल कर चुकी है। साथ ही पार्टी ने गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू और राज्य पर्यटन मंत्री के.जे. एल्फोंस को राज्य में ऑब्जर्वर नियुक्त कर दिया है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी और जुआल ओरम को त्रिपुरा में ऑब्जर्वर नियुक्त किया है। नगालैंड में भाजपा ने निर्विरोध जीत हासिल की है। यहां केंद्रीय मंत्री जे.पी नड्डा और सचिव अरुण सिंह को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया। ये सभी ऑब्जर्वर इन राज्यों में सरकार के गठन को लेकर नवनिर्वाचित विधायकों से मिलेंगे।

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