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सजा सुनाए जाने पर अफसोस नहीं है कांग्रेसी पार्षदों को

Untitled_0006 023खंडवा [ TNN ] खंडवा में वर्ष 2012 में नगर निगम कमिश्नर दिलीप कापसे के मुंह पर स्याहीं पोतने वाले छह पार्षदों सहित आठ कांग्रेस नेताओं को स्थानीय जिला न्यायालय ने एक-एक वर्ष की सजा से दण्डित किया है। गौरतलब है कि खंडवा नगर निगम के छह कांग्रेस पार्षदों और दो पार्षद पतियों ने नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त दिलीप कापसे के मुंह पर स्याहीं लगा दी थी। पार्षदों ने अपने वार्डों में विकास कार्य नहीं होने के कारण यह विरोध किया था जिस पर आयुक्त ने कोतवाली पुलिस थाने में सभी के खिलाफ केस दर्ज करवाया था।

खचाखच भीड़ थी कोर्ट के बाहर
खंडवा जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश गौरीशंकर दुबे की कोर्ट में सोमवार को गहमागहमी का दौर रहा। दरअसल यहां पर बहूचर्चित कमिश्नर कालिख कांड में आज फैसला सुनाया जाना था। विशेष न्यायाधीश श्री दुबे ने शाम करीब पांच बजे फैसला सुनाते हुए सभी आठ आरोपियों को एक-एक साल की सजा और एक-एक हजार रूपये जुर्माना से दण्डित किया। इस दौरान सभी आरोपी कांग्रेस नेता न्यायालय में मौजूद थे। सजा सुनाए जाने के बाद कुछ पार्षदों के चेहरों से रौनक गायब थी तो कुछ पार्षद अपने चेहरे के भाव छिपाने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि उपरी कोर्ट ने सभी आरोपियों को 15-15 हजार रूपए के मुचलके पर जमानत पर रिहा किया गया।

सम्मेलन बुलाने की मांग पर किया था विरोध
उल्लेखनीय है कि नर्मदा जल योजना पर विशेष सम्मेलन की मांग को लेकर 6 फ रवरी 12 को तत्कालीन निगम आयुक्त दिलीप कापसे के कक्ष में चर्चा चल रही थी। निगम नेता प्रतिपक्ष रमेश सुनगत के नेतृत्व में पार्षद लियाकत पवार, मुकेश यादव, रिंकू सोनकर, विनोद यादव, जयप्रकाश यादव पार्षद पति अरुण गंगराड़े ने विशेष सम्मेलन की मांग पर अपनी बात रखते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष और पार्षदों ने मिलकर आयुक्त के मुंह को स्याही से काला कर दिया। घटना के बाद निगम परिसर सहित शहर में हडक़ंप मच गया था। कोतवाली पुलिस ने निगम आयुक्त की शिकायत पर प्रकरण दर्ज कर मामला कोर्ट में पेश किया था।

इनका कहना है..
नगर निगम आयुक्त दिलीप कापसे के चेहरे पर कालिख पोतकर विरोध जताने वाले 6 कांग्रेसी पार्षद एवं 2 दो पार्षद पतियों पर पुलिस ने धारा 147, 353, 294, एवं 3(1), 3(7), 3(1) 10 अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियिम में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था। 6 फ रवरी 12 को हुई इस घटना के बाद 8 आरोपी फ रार हो गए थे। बाद में सभी आरोपियों की हाईकोर्ट से जमानत हो गई थी। सोमवार को फैसले में सभी को समान रूप से एक-एक वर्ष की सजा सुनाई गई- रामसेवक वर्मा अतिरिक्त शासकीय लोक अभियोजक।

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