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भाजपा और संघ आरक्षण विरोधी -दिग्विजय सिंह

Digvijaya Singh इंदौर- कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने इंदौर में भाजपा मोदी आरएसएस स्मृति ईरानी सहित सभी जेएनयू आदि मुद्दों पर खुलकर हमला बोला ! दिग्विजय ने प्रेस क्लब में संवाददाताओं से कहा, ‘ब्रिटिश हुकूमत में महात्मा गांधी और बाल गंगाधर तिलक भी देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार हुए थे ! देश के स्वतंत्रता संग्राम में शामिल कई लोगों के खिलाफ देशद्रोह निरोधक कानून का इस्तेमाल किया गया था ! लेकिन जिस प्रकार भाजपा द्वारा (जेएनयू मसले को लेकर) पूरे देश में माहौल बनाया गया है, हम इसका विरोध करते हैं !

सिंह ने मोदी और भाजपा पर हमला जारी रखते हुए कि ‘ देश में भाजपा की सरकार असफलता को छुपाने के लिए कभी लव जिहाद तो कभी राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र द्रोह की बात करती है । भाजपा कर क्षेत्र में असफल रही है ! महंगाई को या किसानो की समस्या कोई उपलब्धि नहीं है कि वो श्रेय ले सके । मोदी जी जिन मामलो का विरोध करते रहे है उन्ही नीतियों को मज़बूरी में सभी योजनाओ को स्वीकार करना पड़ा । और उसका श्रेया लेना शुरू कर दिया !

जेएनयू मामले में कन्हैया की पिटाई की गयी वकीलो द्वारा उसमे वकीलों पर केवल साधारण मुक़दमे लगा कर छोड़ दिया । कन्हैया के किलाफ कोई प्रमाण भी नहीं है तो भी उसे नही छोड़ा गया उसका इस अलगाववादी मामले से कोई सम्बन्ध नहीं है ।

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘भाजपा जम्मू-कश्मीर में उस दल के साथ सरकार चलाती है, जिसके लोग संसद पर हमले के मुजरिम अफजल गुरु की फांसी के विरोध में खुलेआम नारेबाजी करते हैं ! लेकिन जब जेएनयू का कोई विद्यार्थी इस तरह की नारेबाजी करता है, तो उस पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर दिया जाता है ! ‘9 फरवरी की घटना का सभी को पता है ऐसे आयोजन पहली बार नहीं हुए है । अफजल गुर के फासी को लेकर विरोध करते रहे है और कश्मीर में तो अक्सर विरोध होते रहे है। पर क्लिप में यह पता नही चल रहा है कि भारत के टुकड़े करने और पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे कौन लगा रहा है ! कश्मीर में ऐसे नारे लगाने वालो के साथ तो भाजपा सरकार चलाती है।

कन्हैया कुमार मासूम है उसे टारगेट किया जा रहा है । वह आंगनवाड़ी की साधारण महिला का बेटा है । भाजपा द्वारा जो माहोल बनाया जा रहा है उसका हम विरोध करते है संघ पहले हिन्दू होने का प्रमाण देते थे औ वे राष्ट्र भक्त होने का प्रमाण पत्र देना चाहते है !

वहीँ भाजपा महात्मा गांधी नरेगा का भी अब श्रेय ले रहे है। भाजपा पुरे देश में फाँसी वादी मानसिकता से काम कर रही है । या तो संघ की विचारधारा का साथ दो या आप देश द्रोही हो।

पुरे तरीके से ये सरकार देश में फांसी वादी तरीके से चलाना चाहती है इससे सावधान हो जाना चाहिए । भाजपा की विचारधारा है हिन्दू मुस्लिम को लड़ाओ और हिन्दू ईसाई को लड़ाओ ! संघ ने हमेशा तिरंगे का विरोध किया है उसने हमारे दबाव में तिरंगा थामा !

व्यापम मामले पर कहा कि सीबीआई किन परिस्थितियों में काम कर रही है यहाँ पता नहीं, लेकिन सरकार सपोर्ट नही कर रही है। जेनयू के मामले में कहा कि वीडियो क्लिप से शुरुवात हुई इस संस्था ने देश में विदेश के छात्रो को पफने का मौका दिया और नाम कमाया लेकिन वह लेफ्ट की विचारधारा का प्रभुत्व है। नेहरू की विचार थी कि लिबरल डेमोक्रेरिक विचार के साथ रहे । पर आज तक ऐसा नही हुआ !

कोंग्रेस जीएसटी चाहती है और भाजपा और मोदी जी ने विरोध किया था । और जो बिल जेटली लाये है उसका गुजरात के मंत्री ने लिया है !
सिंह के मुताबिक मोहन भगवत ने कहा कि आरक्षण पर गैर राजनेतिक दल को चर्चा करना चाहिए ! मूल रूप से भाजपा और संघ आरक्षण विरोधी है
मदरसो में तिरंगे का कोई विरोध ही नहीं है !

उन्होंने कहा, ‘एक जमाने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा लोगों को हिंदू होने का प्रमाणपत्र बांटते थे ! आज ये दोनों हमें राष्ट्रप्रेम का प्रमाणपत्र भी देना चाहते हैं ! ये वे लोग हैं, जो भारत की आजादी की लडाई में भाग न लेते हुए ब्रिटिश हुकूमत का साथ देने को राष्ट्रप्रेम मानते थे ! आज ये लोग आजाद भारत में हमें राष्ट्रप्रेम की नयी परिभाषा सिखा रहे हैं !’ सिंह ने कहा कि 3 बाते मान ले तो हम जी एसटी पास कर देगे केसरिया आतंकवाद नहीं कहा जा सकता यह संघीय आतंकवाद है । आडवाणी कहा करते थे कि हर मुस्लिम आतंकी नहीं पर जो पकडे जाते वह मुस्लिम ही क्यों होते है । अब मैं कहूँ कि सभी हिन्दू आतंकी हो ही नहीं सकते पर जो भी विस्फोट में आतंकी पकड़ाए वह संघ के ही क्यों थे !

दिग्विजय ने यह आरोप भी लगाया कि मोदी सरकार के दबाव के कारण राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी घटनाओं को लेकर साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद श्रीकांत पुरोहित के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच धीमी कर दी है ! मैं इसका विरोध करता हूँ !

जाटो को आरक्षण पहले कोंग्रेस ने दिया है और पटेल को आरक्षण का समर्थन करते हो पर इस प्रकार की हिंसा और हिंसक प्रवत्ति का विरोध करते है !
राहुल गांधी का पहला बयान था कि राष्ट्र विरोधी नारे के खिलाफ हूँ ! उनका जेनयू जाना इसलिए था कि जिस तरह से ऑटोनॉमि कॉलेज में जो हस्तक्षेप हो रहा है वह गलत इनकी मानसिकता इसी से उजागर होती है कि ग्वालियर में जेएनयू के प्रोफ़ेसर से युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओ ने विवाद किया और मार पिट की !

जब दिग्विजय के सामने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के संसद में 24 फरवरी को दिये आक्रामक भाषण का जिक्र किया गया, तो उन्होंने छूटते ही दावा किया, ‘स्मृति भाजपा की सदस्यता लेने से 15 दिन पहले तक कांग्रेस में शामिल होना चाहती थीं !’ उन्होंने स्मृति पर कटाक्ष किया, ‘आज तक पता नहीं चल सका है कि देश की मानव संसाधन विकास मंत्री की वास्तविक शैक्षणिक योग्यता क्या है.’ उनकी शेक्षणिक योग्यता का भी पता नहीं है ! मोदी जी को और कोई ज्ञानी नहीं मिला क्योकि मोदी जी की खुद की डिग्री भी प्रमाणित नहीं है ! ऑटोनॉमि में इस प्रकार से इंटरफेर नहीं करना चाहिए इसके पहले कभी देश द्रोह का मुकदमा नहीं हुआ ।

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