कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज कर्नाटक में हैं वह एक के बाद एक कई जनसभाओं को संबोधित कर रहे हैं। राहुल गांधी शुक्रवार को कलगी के भाषण के दौरान काफी आक्रामक नजर आए।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह सहित बीजेपी सीएम उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग चाहते हैं कि कर्नाटक को आरएसएस चलाये।

राहुल ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बीजेपी को आड़े हाथों लिया उन्होंने कहा कि आपको याद होगा इसी कर्नाटक में अमित शाह ने कहा था सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री येदुयुरप्पा थे। क्या मोदी जी चाहते हैं कि रेड्डी ब्रदर्स, येदियुरप्पा कर्नाटक का पैसा लूटें?

यही नहीं देश में महिलाओं और बच्चियों के साथ बढ़ रही बलात्कार की घटनाओं पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मोदी जी जब पीएम बने थे तो उन्होंने कहा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’; मगर अब नया नारा है ‘बेटी बचाओ बीजेपी के एमएलए से।

राहुल आज मोदी सरकार की एक एक मुद्दे पर बोल रहे थे उन्होंने जब हमारी सरकार ने कर्नाटक के किसान का 8000 करोड़ रुपया माफ किया, तब मोदी जी ने कर्नाटक के किसान की एक रुपये की मदद नहीं की।

किसानों को लेकर राहुल ने आज बड़ा बयान दिया है उन्होंने कहा कि 2019 में जैसे ही कांग्रेस पार्टी की सरकार आयेगी 10 दिन के अंदर हम हिंदुस्तान के किसान का कर्जा माफ करके दिखा देंगे।

जनसभा को संबोधित करते हुए काफी आक्रामक नजर आए

भाजपा पूरे देश की संस्कृति, इतिहास, खाना को कुचल देना चाहती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस के लोग आपकी भाषा, इतिहास, संस्कृति और खान-पान को कुचल देना चाहती है।

राहुल आज कलगी में जन आशीर्वाद यात्रा में जनसभा को संबोधित करते हुए काफी आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा कि पूरे देश में भाजपा, आरएसएस के लोग दलितों को कुचल रहे हैं और मार रहे हैं, और जो व्यक्ति अंबेडकर जी की बात करते हैं उनके मुंह से एक शब्द भी नहीं निकलता।

पूरे देश के बिजनेस बंद हो गये लेकिन अमित शाह का पुत्र 50 हजार को तीन महीने में 80 करोड़ रुपये में बदल देता है, नाक के सामने चोरी हो रही है लेकिन मोदी जी एक शब्द नहीं कहते।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ही एक ऐसी सरकार है जो दलिचों के बारे में सोचती है। उन्होंने कहा कि हिन्दुस्तान की सरकार पूरे देश में जितना पैसा दलितों और आदिवासियों को देती है उसका आधा पैसा कर्नाटक की सरकार अकेले दलितों और आदिवासियों को देती है।