tournament-rishikesh-dhanawade-choudhary-unbeaten-cricketer-teenager_मुंबई – इंटर स्कूल टूर्नामेंट में नाबाद 1009 रन बनाकर इतिहास रचने वाले प्रणव धनावडे को लेकर रोचक खुलासे हुए हैं। अपनी इस मैराथन पारी के दौरान प्रणव ने करीब सात घंटे बल्लेबाजी की। जाहिरतौर सवाल उठता है कि दुबला-पतला नजर आने वाला यह ‘लड़का’ ऐसा क्या खाता है? इसका जवाब मिला प्रणव के कोच मोमिम शेख के बयान से।

मोमिन ने बताया, प्रणव की खूराक जबरदस्त है। वह एक ही बार में पूरा तंदूरी चिकन चट कर जाता है। यही नहीं उसे एक ही बार में पूरे चार वडापाव लगते हैं।

युवा क्रिकेटर के स्कूल कोच हरिश शर्मा के मुताबिक, सचिन तेंडुलकर की तरह प्रणव भी भारी बल्ला इस्तेमाल करता है। उसके बल्ले का वजन करीब 1200-1300 पौंड है। अपनी मैराथन पारी के दौरान उसने केवल एक बार बल्ला बदला, वह भी 300 रन बनने के बाद।

प्रणव को बचपन से क्रिकेट का शौक था। वह गली मेें क्रिकेट खेलते हुए लोगों की खिड़कियों के शीशे तोड़ता था। पिता प्रशांत ने इसी से तंग आकर क्रिकेट अकादमी में दाखिला करवा दिया। उनकी सोच थी कि अब प्रणव गली में क्रिकेट खेलकर किसी से झगड़ा तो मोल नहीं लेगा।

हालांकि मां मोहिनी इसके खिलाफ थीं। उनका मानना था कि बेटा क्रिकेट खेलने के बजाए पढ़ाई करे। बहरहाल, अब मां भी अपने बेटे की कामयाबी पर बहुत खुश है।

मां को अब बेटे की परीक्षा की चिंता सता रही है तो थोड़ी दी दिनों में होने वाली है। यूं तो प्रणव औसत छात्र है, लेकिन उसे विश्वास है कि वह फर्स्ट डिविजन लाने में कामयाब रहेगा।

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