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क्राइम सीरियल देखकर रचा खुद के अपहरण का षड्यंत्र, पुलिस को ऐसे करता रहा गुमराह

इंदौर : सूचनाकर्ता भारती चौधरी निवासी न्यू हरसिद्धि नगर खजराना इंदौर द्वारा थाना उपस्थित होकर सूचित किया कि उसका पति मनोज कुमार पिता कुंवरपाल सिंह चौधरी उम्र 30 साल निवासी सदर का दिनांक 10 अक्टूबर 2019 के दोपहर 1:00 बजे किराने की दुकान से सामान लाने का बोलकर गया था, जो वापस घर नहीं आए जिसकी आसपास तलाश करते नहीं मिला पर से गुमशुदगी दर्ज कर जांच में लिया गया।

इसी कड़ी में एक नया मोड़ दिनांक 13 अक्टूबर 2019 को आया जब फरियादी भारती चौधरी द्वारा पुनः थाना उपस्थित होकर रिपोर्ट किया कि उसकी भाभी रीना चौधरी निवासी गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के मोबाइल पर उसके पति मनोज चौहान के व्हाट्सएप से मैसेज आया है जिसमें पति मनोज का हाथ मुह बंधा फ़ोटो आया है। फरियादिया के पास एंड्राइड मोबाइल ना होने से उसके द्वारा उक्त फोटो पड़ोसी रवि के मोबाइल पर मंगाया गया। मनोज द्वारा अपने ही नंबर से फरियादिया भारती से फोन कर बोला कि मुझे किडनैप कर लिया है तथा किडनेपर ₹400000 मांग रहे हैं वह भाई से बोल कर उसके अकाउंट में पैसा जमा करवा दें नहीं तो किडनी पर उसे मार देंगे। उक्त पर से अज्ञात आरोपीयो के विरुद्ध मनोज को बंधक बनाकर फिरौती मांगने संबंध में धारा 364-ए भादवी के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया श्रीमती रुचिवर्धन मिश्र द्वारा पुलिस अधीक्षक पूर्व श्री यूसुफ कुरैशी के मार्गदर्शन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पूर्व जोन 02 श्री शैलेंद्र सिंह चौहान, नगर पुलिस अधीक्षक अनुभाग खजराना श्री एस.के.एस तोमर के निर्देशन में टीम गठित की गई। टीम का नेतृत्व थाना प्रभारी खजराना प्रीतम सिंह ठाकुर द्वारा किया गया।

अपहर्ता स्वयं अपने मोबाइल के व्हाट्सएप मैसेजो के माध्यम से अलग अलग समय व दिनांकों को परिवारजनों के मोबाइल पर मैसेज कर रहा था, अपहर्ता कभी स्वयं का मुंह बना हुआ, कभी सर पर पट्टी बंधी हुई, कभी जमीन पर पड़ा तथा कपड़े में लिप्त हुए फोटो मैसेज करता था तथा अपनी पत्नी के मोबाइल पर फोन कर पैसा जल्दी डलवाने तथा किडनैपर को बहुत खतरनाक बताता तथा बोलता था कि किडनैपर उसके साथ बहुत मारपीट कर रहे है तथा जल्दी पैसा नही डाला तो वह मार डालेंगे ओर फ़ोन कट जाता था।

प्रकरण में लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अपहर्ता की तलाश के प्रयास किए जा रहे थे। अपहर्ता के ए.टी.एम से दिल्ली, मथुरा व जयपुर के एटीएम से पैसे निकाले गए थे। प्रकरण में सभी कड़ियों को जोड़कर तथा मुखबिर से प्राप्त सूचना की अपहर्ता मनोज जयपुर राजस्थान में है। उक्त पर से तत्काल एक टीम को जयपुर राजस्थान भेजा गया, जहां टीम द्वारा अपहर्ता को जयपुर की एक होटल से बरामद किया गया।

अपहर्ता से पूछताछ पर बताया कि उसकी चित्रा नगर में किराए की मोबाइल शॉप है, जिसमें वह एमपी ऑनलाइन का काम करता है तथा मोबाइल फाइनेंस कर बेचता है। उक्त दुकान के पास में ही उसकी किराने की दुकान है जिस पर उसकी पत्नी बैठती है। उसके सिर पर डेढ़ लाख रुपए से अधिक का कर्जा हो गया था, उससे कर्जाधारी लोग पैसा मांग रहे थे, कर्जाधारियों से परेशान हो गया था। उसे कुछ न सूझा तो उसने खुद के अपहरण की कहानी रच दी तथा वह पुलिस व परिवारजनों को भ्रामक मैसेजो के माध्यम से लगातार भ्रमित करता रहा। किंतु पुलिस की सूझबूझ के आगे वह टिक नहीं पाया।

उक्त कार्यवाही में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी खजराना प्रीतम सिंह ठाकुर, सहायक उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह दंडोतिया टीम का सराहनीय योगदान रहा।

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