खंडवा : पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया, खंडवा चैप्टर ने वसंत के मौके पर ‘वसंतोत्सव मिलन समारोह’ का आयोजन किया। यह आयोजन पार्वती बाई धर्मशाला में आयोजित किया गया।

इस आयोजन में वसंत में ऋतुवों का परिवर्तन और उसके महत्त्व पर चर्चा की गई। साथ ही पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा प्रकाशित दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया।

‘वसंतोत्सव मिलन समारोह’ की शुरुआत करते हुए पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया, खंडवा चैप्टर के प्रमोद सिन्हा ने कहा कि वसंत हमारी प्रकृति के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण हैं। वसंत के स्वागत में प्रकृति का कण-कण खिलने लगा है। पेड़-पौधों-फूलों पर बहार, खेतों में सरसों का चमकता सोना, गेहूं की सुडौल बालियां, आम के पेड़ों पर लदे बौर ऋतुराज के अभिनंदन में नत मस्तक हो रहे हैं। मौसम सुहाना हो गया है। न अधिक गर्मी है न अधिक ठंड। पूरे वर्ष को जिन छः ऋतुओं में बांटा गया है, उनमें वसंत सबसे मनभावन मौसम है।

अनादिकाल से ही ऋतुएं आमजनों को आकर्षित करती आई है, तभी तो ऋतु के अनुसार व्रत-त्योहार मनाने की परंपराएं चली आ रही हैं। चंद्र की गणना के अनुसार वसंत की शुरुआत माघ शुक्ल पंचमी से मानी जाती है, इस तिथि को सरस्वती का अवतरण हुआ था।

वसंत उल्लाहस की ऋतु हैं इस में मुख्य रूप से रंगों का त्योहार होली मनाया जाएगा, फाग उत्सव होता हैं। राग वसंत व होलियां गाई जाती हैं। जनसंचार की दृष्टि से भी वसंत अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इस ऋतू में प्रकृति हमसे सवांद करती हैं।

हमें वह बताती हैं की किस तरह प्रकृति ने इस ऋतू में रचनात्मक, कलात्मक और सृजनात्मकता का समावेश किया हैं। वसंत के सुहावने मौसम में हमारे मस्तिष्क में अच्छे विचार उत्पन्न होते हैं।

पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया, खंडवा चैप्टर के ‘वसंतोत्सव मिलन समारोह’ में पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया द्वारा प्रकाशित पुस्तकें “देश समाज और गांधी” एवं “जनसंपर्क बदलते आयाम” का विमोचन भी किया गया।

खंडवा चैप्टर के प्रमुख संदीप भट्ट ने इस अवसर पर कहा की आज के दौर में जनसंपर्क एक वृह्द रूप ले चूका हैं। शासकीय या निजी क्षेत्र हर जगह जनसंपर्क के माधयम से लोगों से सवांद स्थापित कर अपनी छवि को बेहतर बनाया जाने लगा हैं।

मौजूदा दौर में जनसंपर्क नए ज़माने के साथ मिलकर नए आयाम गढ़ रहा हैं। ऐसे में चुनौतियां भी है लेकिन उन चुनौतियों से पार पाकर कैसे सशक्त संपर्क स्थापित किया जाए यह जनसंपर्क के बदलते आयामों से सीखा जा सकता हैं।

वहीं महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित स्मारिका पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि गांधी एक विचार हैं जिसे आज भी आत्मसात किया जा रहा हैं। चाहें वह स्वछता का विषय हो या साहित्य या पत्रकारिता।

उन्होंने कहा कि गांधी जी ने देश को विजन दिया। उनके विचारों को आज पूरा विश्व अपना रहा हैं। ‘वसंतोत्सव मिलन समारोह’ का सयोजन निशात सिद्दीकी ने किया एवं संचालन कपिल देव प्रजापति ने वहीं आभार शिखर नेगी ने माना।

इस अवसर पर खंडवा चैप्टर के अभिषेक रंजन ,धीरज अव्हाड निखिल सिंह , आदर्श शिवम एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।