लखनऊ : उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से दलित उत्पीड़न का बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां आजमपुर बिसौरिया गांव में एक दलित की इस वजह से मूंछ नोंच दी गई क्योंकि उसने गेहूं काटने से इनकार कर दिया था। केवल इतना ही नहीं दलित मजदूर को पेड़ से बांधकर भी बुरी तरह पीटा गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक सीताराम नाम का दलित व्यक्ति आजमपुर बिसौरिया गांव में खेती और मजदूरी करता है। सीताराम ने अपने साथ हुए अत्याचार की शिकायत जब पुलिस से की तब पुलिस ने शुरुआत में इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की। घटना के करीब एक हफ्ते बाद सिटी एसपी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव के आदेश पर इस मामले में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई।

सीताराम ने गांव के ठाकुर समेत अन्य व्यक्तियों के ऊपर मारपीट करने का आरोप लगाया है। आज तक के मुताबिक यह घटना 23 अप्रैल की शाम की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गांव के ठाकुर विजय सिंह, विक्रम सिंह, शैलेंद्र और पिंकू सिंह ने जब सीताराम को खेत पर गेहूं काटने को कहा, तब दलित मजदूर ने कहा कि वह दो दिन बाद यह काम करेगा। सीताराम द्वारा इनकार करने पर वे सभी इतने नाराज हो गए कि उन्होंने मजदूर की पिटाई कर दी। सभी लोगों ने मिलकर पहले तो सीताराम को चौपाल तक लेकर गए। जहां उसे एक पेड़ से बांधा गया और जमकर पीटा गया। उसके बाद भड़के हुए लोगों ने गुस्से में उसकी मूंछ तक नोंच डाली।

आपको बता दें कि फसल काटने पर दलित की पिटाई किए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ऐसे कुछ मामले सामने आ चुके हैं। पिछले साल अक्टूबर महीने में मध्य प्रदेश के सिहोर जिला स्थित महोड़िया गांव में कुछ दलितों ने फसल काटने से मना कर दिया था। उनके इनकार के बाद कुछ स्थानीय बदमाशों ने मिलकर उन सभी लोगों की जमकर पिटाई की थी। इस घटना में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हाल ही में ऊना के उन दलित युवाओं ने सम्मान के लिए हिंदू धर्म छोड़ बौद्ध धर्म अपना लिया है, जिनकी साल 2016 में जमकर पिटाई की गई थी।