Daughters how to saveखरगोन – मात्र कुछ घंटे भी नहीं हुए मासूम बेटी को फेक दिया झाड़ियो में , कैसी होगी वह माँ जिसने एक पल के लिए भी मासूम के बारे में नहीं सोचा और फेक दिया जीते जी उसे मरने के लिए झाड़ियो में । यह घटनाक्रम है खरगोन मुख्यालय से चंद किलोमीटर दूर ग्राम दसनावल का जहा के ग्रामीणो की सूचना पर पहुंची थाना गोगावा की पुलिस झाड़ियो से एक नवजात को उठा कर 108 की मदद से खरगोन जिला अस्पताल भिजवाया । बच्ची को एक पॉलीथिन में रख कर फेंका गया था ।

जिला अस्पताल के SNCU में भर्ती कर ड्यूटी डाक्टर अनीता गोरे और स्टाफ द्वारा मासूम नवजात का इलाज किया जा रहा है । हालाँकि इस मामले में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दे पा रहे है , लेकिन पुलिस ग्राम में पहुंच कर पूछताछ शुरू कर चुकी है । डॉ अनीता गोरे का कहना है कि बच्ची को साँस लेने में दिक्कत हो रही है उसका इलाज और उचित देखभाल की जा रही है ।

हालाँकि इस तरह का यह कोई पहला मामला नहीं है लेकिन इस मामले ने फिर शासन और प्रशासन कार्यप्रणाली और अभियानों की जमीनी हकीकत उजागर की है जबकि बेटी बचाओ और ममता अभियान सहित कई योजनाओ का क्रियान्वयन केवल मासूम बेटियो को बचाने के लिए किया जाता है जिस पर करोडो रुपया पानी की तरह बहाया जा रहा है ।

क्या कहना है इन का
बच्ची को साँस लेने में दिक्कत हो रही है । उसका इलाज जारी है । स्वास्थ्य होने पर उच्च अधिकारियो के निर्देश अनुसार बच्ची को पुनर्वास में भेजा जायेगा ।
:- डॉ अनीता गोरे  ड्यूटी डाक्टर जिला अस्पताल

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार दो महिलाओ ने बच्ची को फेंका है जो मौका स्थल से इंदौर बस में जाते देखी गई है । गोगावा थाना की टीम इंदौर और आसपास सर्चिंग के लिए भेज दी गई है ।
:-अमित सिंह एस पी खरगोन

रिपोर्ट :- फरीद शेख

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