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मरी हुई युवती डेढ़ साल बाद जिंदा मिली

noda-disapeared-girlनोएडा – नोएडा पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। डेढ़ वर्ष पूर्व जिस युवती को मृत मान लिया गया था। उसी युवती को पुलिस मुंबई से सही-सलामत बरामद कर नोएडा ले आई।

मामले में परिजनों ने एक युवक पर पहले बहला-फुसला कर ले जाने का आरोप लगाते हुए सेक्टर-24 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में शव मिलने के बाद हत्या की धारा में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी गई थी।

वह युवक लड़की का रिश्तेदार है। युवती उसके साथ मुंबई में ही रह कर जॉब कर रही थी। लड़की के परिजनों ने नाबालिग बताकर मामला दर्ज कराया था, जबकि वास्तव में उसकी उम्र 21 वर्ष है।

सेक्टर-34 मोरना निवासी राजेश कुमार ने अपनी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगाने का आरोप अनिल करोतिया पर लगाया था। 22 अक्टूबर 2013 को उन्होंने सेक्टर-24 थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई।

मामले की जांच के दौरान 9 मार्च 2014 को बुलंदशहर के ककोड़ इलाके में एक युवती का अज्ञात शव मिला था। पोस्टमार्टम कराने के बाद ककोड़ पुलिस स्टेशन ने हत्या का मामला अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया था।

पुलिस ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। 4 नवंबर 2014 को लापता लड़की के पिता राजेश, मां सरोज देवी, भाई शिवा और मामा पूरनचंद ने अज्ञात महिला के शव की तस्वीर देखकर अपनी बेटी के रूप में पहचान की थी।

जिसके बाद सेक्टर-24 पुलिस स्टेशन में बहला-फुसला कर भगाने की धाराओं को बदलकर हत्या का केस अनिल करोतिया के खिलाफ दर्ज कर दिया गया। एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि जांच अधिकारी को आरोपी अनिल करोतिया के मुंबई में होने की सूचना मिली।

नोएडा पुलिस ने अनिल को विक्रोली ईस्ट से गिरफ्तार किया। उसकी शिनाख्त पर पुलिस ने पहले लापता युवती लक्ष्मी (21) को बरामद किया। पुलिस लक्ष्मी को नोएडा लेकर आई।

लक्ष्मी आरोपी अनिल की पत्नी की मौसेरी बहन है। जिसके पास वह घर वालों की प्रताड़ना से बचने के लिए खुद की मर्जी से गई थी। लक्ष्मी ने ही किसी को उसके यहां रहने की जानकारी देने से मना किया था।

लक्ष्मी ने बताया कि करीब 6 साल पहले उसका पड़ोस में रहने वाले एक युवक से प्रेम हो गया था। वह उसके साथ भाग गई थी। परिजनों ने दोनों की शादी कराने का दावा कर वापस बुलाया था।

उसके बाद शादी कराने के बजाए परिजनों ने मारपीट करना शुरू कर दिया था। मोरना से उसे अलीगढ़ के ग्राम महगौर भेज दिया गया। आसपास के घरों में उससे जबरदस्ती साफ-सफाई का काम कराया जाता था।

हर समय उस पर निगाह रखी जाती थी। इसी बीच लक्ष्मी की मौसी की लड़की अपने पति अनिल के साथ उनसे मिलने आई थी। उनके सामने भी परिजन लक्ष्मी से मारपीट करते थे।

अनिल ने इसका विरोध किया था। उनके जाते समय लक्ष्मी ने अनिल के मुंबई का पता और मोबाइल नंबर लिया था। मौका मिलते ही वह अक्तूबर 2013 में घर से मुंबई चली गई थी।

एसपी सिटी के मुताबिक उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने वाली सेक्टर-24 थाने की टीम को 2500 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं, मृत मान बैठे परिजनों को उनकी बेटी वापस मिल गई यह एक अच्छा कार्य भी पुलिस टीम ने किया है।

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