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डिंडौरी : कोचिंग में कोबरा, मची भगदड़

डिंडौरी : डिंडौरी नगर परिषद् के वार्ड नंबर 5 में एक बिल्डिंग में लग रही कोचिंग क्लास में देर शाम उस वक्त हडकंप मच गया जब कोबरा नाग ने फुस्कार लगाई। बिल्डिंग के नीचे बनी सीढियों के नीचे 6 फिट जहरीला कोबरा नाग जाकर कर बैठ गया। जैसे ही जानकारी कोचिंग में पढने वाले छात्र छात्राओ को लगी वैसे ही बचने के लिए भगदड़ मची। कोबरा होने की जानकारी डिंडौरी फारेस्ट विभाग को दी गई और कोतवाली पुलिस को जानकारी लगते ही पुलिस तो समय पर पहुच कर भीड़ को हटाने लगी वही फारेस्ट विभाग की टीम जानकारी के 2 घंटे बाद पहुची।

फारेस्ट विभाग की टीम को जब नगर के लोगो ने फ़ोन से सूचना दी तब देर से पहुचे फारेस्ट टीम ने सीढियों के नीचे बैठे जहरीले कोबरा को सफल रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा,फारेस्ट के अधिकारी आर के सोनी ने बताया की ये कोबरा प्रजाति का साप है जो बहुत ही जहरीला है।

फारेस्ट विभाग के अधिकारी का कहना था की लोगो के द्वारा सूचना मिली यहाँ कोचिंग क्लास में ये कोबरा घुस गया था वरिष्ट अधिकारियो के निर्देश पर सफल रेस्क्यू किया गया।

सांप काट ले तो इन बातों को हमेशा याद रखें :

सांप कटने से दुनियाभर में होने वाली मौतों की संख्या में भारत सबसे आगे है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हर साल 83,000 लोग सांप के दंश का शिकार होते हैं और उनमें से 11,000 की मौत हो जाती है। मौत का सबसे बड़ा कारण है तुरंत प्राथमिक उपचार न होना। भारत में सांपों की लगभग 236 प्रजातियां हैं। इनमें से ज्यादातर सांप जहरीले नहीं होते।
आम धारणा है कि सभी सांप खतरनाक होते हैं, लेकिन ऐसे सांपों के काटने से सिर्फ जख्म होता है, मौत दहशत के कारण हो जाती है। देश में जहरीले सांपों की 13 प्रजातियां हैं, जिनमें से चार बेहद जहरीले होते हैं- कोबरा (नाग), रस्सेल वाइपर, स्केल्ड वाइपर और करैत। देश में सबसे ज्यादा मौतें नाग या गेहुंवन व करैत के काटने से होती हैं।

-पीड़ित को सांप से दूर ले जाएं और घबराहट दूर करने में उसकी मदद करें

-खुद को सुरक्षित रखते हुए सांप की प्रजाति का पता करें

-सांप के काटने वाली जगह पर कोई गहना पहने हों तो उसे उतार दें

-मरीज जूते पहना हो तो उतार दें, कपड़े सुविधाजनक हों तो न उतारें

-जख्म पर पट्टी बांध दें। पट्टी के लिए पेड़ की छाल, अखबार का टुकड़ा, स्लीपिंग बैग या बैकपैक फ्रेम का इस्तेमाल करें

-जख्म से छेड़छाड़ न करें, पट्टी बांधने के बाद नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं

-मरीज को बिल्कुल चलने न दें, क्योंकि मांसपेशियों की रगड़ से जहर तेजी से फैल सकता है

-मरीज को अपने मन से एस्प्रिन या कोई दर्द निवारक दवा बिल्कुल न दें

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