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एमपी: जल संकट, कान्हा नेशनल पार्क में सूखे जैसे हालात

मंडला- इन दिनों हर तरफ लोग पानी के लिए त्राहि – त्राहि कर रहे है। प्रदेश के अन्य जिलों की तरह मंडला में भी पेय जल संकट गहरा गया है। इंसानो के साथ – साथ वन्य प्राणियों के लिए भी पानी की भीषण समस्या खड़ी हो गई है। ऐसे में दुनिया भर में मशहूर कान्हा नेशनल पार्क के प्रबंधन के लिए भी पार्क के अंदर वन्य प्राणियों के लिए पेय जल उपलब्ध करने की गम्भीर चुनौती थी ताकि पानी की तलाश में पार्क से बाहर निकलकर वे हादसे का शिकार न हो जाये। अपनी सोची समझी रणनीति और दूरंदेशी के चलते पार्क प्रबंधन इस भीषण गर्मी में वाटर टैंकर्स और सोलर पम्पस के उपयोग से काफी हद तक जानवरों के लिए पानी उपलब्ध करने में सफल रहा है।

देश विदेश में प्रसिद्ध 1400 वर्ग किलोमीटर में फैले कान्हा नेशनल पार्क में इस बार अल्पवर्षा के चलते सूखा जैसे हालात बन गए है। अधिकारी बताते है कि पार्क के अंदर पानी की इतनी विकराल स्थिति इससे पहले कभी नहीं देखी गई। पार्क के अंदर ऐसे कई जल स्रोत है जिनमें पूरे साल पानी रहता है, लेकिन इस बार ये स्रोत भी सूख गए है। पार्क में तरह तरह के हज़ारों जंगली जानवर हैं जिनके पानी के लिये पार्क के अंदर करीब 550 जलस्रोत हैं लेकिन अल्पवर्षा के कारण इस बार गर्मी की शुरुआती दौर में ही अधिकांश जलस्रोत सूख गये। गम्भीर जलसंकट की स्थिति को देखते हुए इससे निपटने के लिये पार्क प्रबंधन ने फरवरी माह से ही कार्ययोजना बनाकर तैयारियां शुरू कर दी थी। प्रबंधन ने सर्वे किया की किस स्थान में कितने जल स्रोत है। कौन से ऐसे जल स्रोत है जिसमे पूरे साल पानी रहता है और अन्य स्रोत का पानी कब – कब सूखने की कगार पर होता है। Kanha National Park Madhya Pradesh Kanha Tiger Reserve photo

कान्हा टाइगर रिज़र्व के संचालक जसबीर सिंह चौहान ने बताया कि पार्क प्रबंधन जानता है कि जिन जल स्रोत में साल भर पानी रहता है अधिकांश वन्य प्राणी वहीं पानी पीने जाते है। प्रबंधन ने ऐसे स्रोतों को सूखने नहीं दिया और टैंकर्स से उन में पानी छोड़ता रहा जिससे वन्य प्राणी पानी के लिए भटकने को मजबूर न हो। कई जगहों पर पानी उपलन्ध करने सोलर पम्पस का भी उपयोग किया गया। इसी तरह अन्य स्रोतों में भी पानी उपलब्ध कराया गया। कई स्थानों में कृत्रिम कुंडों का निर्माण कर उनमे पानी भरा गया जिससे जल संकट की भयावाह स्थिति से वन्य प्राणियों को अपनी प्यास बुझाने के लिए मुश्किलों का सामना न करना पड़े। पार्क प्रबंध की कार्य योजना व मेहनत रंग और वन्य प्राणियों को पानी के लिए भटकना नहीं पड़ा। पार्क प्रबंधन द्वारा तैयार किये गए जल स्रोतों में आसानी से टाइगर सहित अन्य वन्य प्राणियों को अपनी प्यास बुझाते देखा जा सकता है।
@सैयद जावेद अली

Kanha National Park Madhya Pradesh  Kanha Tiger Reserve

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