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नशे का कारोबार, गिरफ्त में बचपन

Drug trade, caught childhoodखंडवा – वर्तमान निमाड़ की धरती पर थिनर, आईडेक्स, व्हाईटनर, पेट्रोल के साथ मेंडिकल दवाईयों का नशा करने वाले युवाओं की बढ़ती संख्या उंगलियों पर नही गिनी जा सकती । जिला सरकार भले ही युवाओं के हाथ में किताब ना पकड़ा पायी हो ,रोजगार ना दे पायी हो किन्तु इन युवाओं कों तन-मन-धन से बर्बाद करने के लिए भिन्न-भिन्न प्रकार के नशे  जरूर उपलब्ध करा रही है  खण्डवा नगर के स्टेशन एरिया में स्थित व्यापारियों ने अपने किराना स्टोर एवं स्टेशनरी के साथ मेंडिकल स्टोरों में खुले आम इन नशीलें उत्पादों की भरमार कर रखी है । वर्तमान में प्रदेश सरकार व जिला सरकार इन नशों से पीडि़त परिवारों एवं नशेडिय़ों को सही व सटिक दिशा देने के लिए खण्डवा में नशामुक्ति केंद्र की स्थापना करायें ताकि इन नये नशों से ग्रस्त युवाओं को नशे के मायाजाल से दूर किया जा सकें। 
 
मेंडिकल सीरप पर लगा है सख्त प्रतिबंध 
 खण्डवा के ड्रग्स इंस्पेक्टर मुकेश हेडाउ ने बताया कि हमने सारे जिलें के मेंडिकल स्टोरों व क्लिनिक पर सख्त आदेश प्रसारित करा दिया है कि डॉक्टर के पर्ची लाए बिना किसी भी मरीज व आम आदमी को दवाईया नही बेची जाए यदि कोई संस्थान यदि इस प्रकार की गतिविधियों में संलग्न है तो उस संस्थान व सहयोगियों पर चिकित्सा अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोरेक्स व जेनेरिक सर्दी खांसी की दवाईयों को नशाविहिन बताने वाले डॉ मुकेश हेडाउ का कहना है कि इन दवाईयों में किसी भी प्रकार का नशा नहीं होता है। कोरेक्स को लेकर आज तक ड्रग्स इंस्पेक्टर खण्डवा के पास कोई भी परिजन शिकायत लेकर नही आया है ऐसी घटना या प्रकरण सामने नहीं आने से विभाग कार्रवाई करने में अक्षम रहता है। हमारे विभाग द्वारा पिछली बार जिले के 24 प्रतिष्ठानों से सैंम्पल लिए गए थे और उन्हें ड्रग्स टेस्टिंग  केलिए दिल्ली भेजा गया था एवं जांच सही पाई गई थी। 
 
सीरप कंपनियों के ऑफर में बहता निमाड़
खण्डवा के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में मेंडिकल सीरप का मायाजाल फैलाने वाली इन प्राईवेट दवाई कंपनियों ने अपने उत्पाद की मांग को बढ़ानें के नये-नये प्रयोग करना शुरू कर दिये है। इन सीरप कंपनियों द्वारा गोपनीय तरीके से अत्याधिक ब्रिक्री करने वाले या टारगेट पुरा करने वाली एंजेसी को लक्झरी गाड़ी से लेकर बैशकीमति सामान उपहार में दिये जा रहे है । चाहे ड्ग्स इंस्पेक्टर अपने कार्यो की कितनी भी सफाई पेश करे या चाहे एसोसिएशन व एंजेसिया कितना ही अपने आपको पाक साफ होने का दावा करे मगर सच तो यह है कि खण्डवा के गली मौहल्ले व ग्रामीण इलाकों में इन मेडिकल सीरप पीने वालों की संख्या सैकड़ों से हजारों तक पहुंच चुकी है।
 
तरूणाई को बना रहे विषैला…
निमाड़ के व्हाईट कॉलर ड्ग्स माफियाओं ने खण्डवा के मासुम युवक व युवतियों में मीठा जहर घोलने का कुचक्र तो रचा ही है साथ ही ड्ग्स अधिनियम के कानुनी दांव पेंच व अपने बचाव के सारे हुनर भी संरक्षित कर रखे है। संपूर्ण निमाड़ की तरूणाई को विषैला बना देने वाले इन व्हाईट कॉलर ड्ग्स माफियाओं ने एसोसिएशन की आड़ में अभी तक निमाड़ की धरती पर करोड़ों रूपयों का लाभाशं अर्जित किया है। अंग्रेजी वातावरण में ढले खण्डवा के स्वास्थ्य सेवा देने वाले इन बहरूपीयों के पास जितनी बीमारियों की जानकारी नही होगी उससे अधिक इनके पास नशे की सीरप मौजुद है कुछ एंजेसियों ने आम जनता के आम जरूरत की दवाईयों को रखने के बजाए केवल मेंडिकल सीरप खरीदने व बेचने का अखाड़ा खोल रखा है।  
रिपोर्ट :-पंकज चित्रौड़े 
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