isisबगदाद [ TNN ] इराक में मनोनीत प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने अपील की है कि चरमपंथियों से लड़ाई के दौरान एकजुटता जरूरी है। इधर, राजनीतिक संकट की समाप्ति के लिए मौजूदा प्रधानमंत्री नुरी अल-मलिकी ने अपने इस्तीफे को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।

अबादी के हवाले से जानकारी देते हुए एक समाचार एजेंसी ने बताया कि आतंकवाद देश के लिए प्रत्यक्ष खतरा है और इसकी समाप्ति उनकी मुख्य प्राथमिकता है। उन्हें सोमवार को सरकार गठित करने के लिए न्यौता दिया गया था।

इसके अलवा, अबादी ने इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई में देशवासियों और अंतर्राष्ट्रीय संस्था से सहयोग करने की अपील की।अमेरिका और ईरान की सरकार ने अबादी के मनोनयन का स्वागत किया। साथ ही सऊद अरब के शेख अब्दुल्ला ने उन्हें मंगलवार को बधाई संदेश भेजा।

ज्ञात रहे कि राष्ट्रपति फौद मासूम ने अबादी का मनोनयन तब किया, जब मलिकी ने तीसरी बार उन्हें प्रधानमंत्री बनने का न्योता न देने पर उन्हें अदालत में घसीटने की बात कही थी।

उल्लेखनीय है कि अप्रैल में हुए चुनाव के बाद मलिकी की दावा पार्टी संसद में सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी, लेकिन जिस शिया गठबंधन ’इराकी नेशनल अलायंस’ का यह हिस्सा है, उसका अनुभव मलिकी के साथ कड़वा रहा, जिनके शासन के दौरान कुर्द और सुन्नियों को अलग-थलग कर दिया गया।

अबादी खुद दावा पार्टी के सदस्य हैं और उन्होंने आतंकवाद से लड़ाई और इराक के राष्ट्र के रूप में बेहतर बनाने के लिए मलिकी की प्रशंसा की। साथ ही उन्हें यह भरोसा भी दिलाया कि वे राजनीतिक प्रक्रिया में ’भाई, कामरेड और मुख्य साझीदार’ की भूमिका में रहेंगे।

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