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आजादी के 67 साल बाद भी नहीं पहुंची बिजली

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मुंबई [ TNN ] प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही मंगल ग्रह पर जाने की बात कर रहे हैं, मगर मुंबई के करीब पावरलूम नगरी भिवंडी के खांडपे आदिवासी पाडा में आजादी के 67 साल बाद भी बिजली नहीं पहुंची है। वहां के आदिवासी बिजली की रोशनी देखने के लिए तरस रहे हैं। इसी तरह अकलोली ग्राम पंचायत के रावतेपाडा में लगा बिजली का ट्रांसफॉर्मर चोरी होने के सात वर्ष बाद भी दोबारा नहीं लगाया जा सका है।

मुंबई-नाशिक हाइवे पर पड़घा से सटा खांडपे आदिवासी पाडा भिवंडी तालुका का ऐसा गांव है, जहां अभी तक बिजली के तार नहीं पहुंचे हैं और वहां के आदिवासी बावडी का पानी पीने के लिए मजबूर हैं। चुनाव के दौरान हमेशा यहां के लोगों से बिजली पहुंचाने का वादा किया जाता है, जिस पर इतने सालों में कभी अमल नहीं किया गया।

अब प्रदेश में नई सरकार के गठन के बाद यहां के आदिवासी शिवसेना ग्रामीण जिला प्रमुख प्रकाश पाटील से मिलकर बिजली और पेयजल की समस्या हल करने की मांग की है। भिवंडी ग्रामीण के शिवसेना विधायक शांताराम मोरे ने प्रकाश पाटील के माध्यम से आदिवासी पाडा के लोगों को आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही यहां के बिजली की लाइन और पेयजल की व्यवस्था करेंगे।

यह खबर भी मिली है कि तालुका के अकलोली ग्राम पंचायत के रावतेपाडा में लगा बिजली का ट्रांसफॉर्मर सात साल पहले चोरी चला गया था, जिसे अभी तक लगाया नहीं गया है। रावतेपाडा में 65 आदिवासी परिवार रहते हैं। ट्रांसफॉर्मर की चोरी के बाद बिजली विभाग ने वहां की लाइन को वाडा-अंबाडी लाइन से जोड़ दिया था। इस वजह से यहां बिजली मिल तो रही है, मगर वोल्टेज काफी कम रहता है। -एजेंसी

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