यूरोपीय कोर्ट ऑफ जस्टिस ने फैसला दिया है कि यूरोप में कंपनियां ऐसे कर्मचारियों के काम करने पर बैन लगा सकती हैं जो हिजाब पहन कर आ रहे हों। इस फैसले में कहा गया है कि ”किसी राजनीतिक, दार्शनिक और धार्मिक संकेत को ऐसे पहनने पर कि वो दिखे” पर बैन लगाने का फैसला कंपनियों के अंदरूनी नियमों के मुताबिक हो जिसमें वो अपने सभी कर्मचारियों से न्यूट्रल ड्रेस पहनने के लिए कहता हो।

कोर्ट के अनुसार किसी ग्राहक की इच्छा पर कंपनी ऐसे फैसले नहीं कर सकती है। बेल्जियम की कंपनी जी4एस में एक रिसेप्शनिस्ट को हिजाब पहनने के कारण नौकरी से निकाले जाने के मामले के बाद यूरोपीय कोर्ट ने ये फैसला दिया है।

बेल्जियम की कोर्ट ने यह मामला स्पष्टीकरण के लिए यूरोपीय कोर्ट ऑफ जस्टिस को भेजा था। महिलाओं के हिजाब पहनने के मामले में कोर्ट का यह पहला फैसला है। [एजेंसी]