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पटकथा लेखक रूमी जाफरी एवं गीतकार योगेश को मिलेगा किशोर अंलकरण

खंडवा : खंडवा में जन्में विश्व के महान गायक कलाकार किशोरदा की पुण्यतिथि पर नगर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुबह जहां समाधि पर सुरमयी श्रद्धांजलि कार्यक्रम होगा वहीं शाम को पुलिस ग्राउंड पर किशोर सम्मान व किशोर नाई का आयोजन होगा। किशोर सांस्कृतिक प्रेरणामंच के प्रवक्ता सुनिल जैन ने बताया कि 13 अक्टूबर को किशोरदा की पुण्य तिथि पर नगर निगम प्रशासन एवं किशोर सांस्कृतिक प्ररेणा मंच के तत्वावधान में किशोरदा की समाधि स्थल पर सुरमयी श्रद्धांजली कार्यक्रम प्रात: 10 बजे से आयोजित किया गया है।

दूध जलेबी खाएंगे और खंडवा में बस जाएंगे यही किशोरदा की अंतिम इच्छा थी। बांबे में रहकर भी खंडवा की यादें उन्हें अपनी ओर आकर्षित कर रही थी जिसके चलते उन्होंने खंडवा लौटने का मन बना लिया था और चाहते थे कि अपने दोस्तों के बीच अपना जीवन व्यतित करेंगे और बांबे बाजार घुमकर लालाजी की दूध जलेबी खाएंगे। लेकिन समय को कुछ और ही मंजूर था वे अपना खंडवा लौटने का सपना अपने दिल में ही लिए चल दिए। लेकिन उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप उनके मृत शरीर को अंतिम संस्कार के लिए खंडवा के लिए लाया गया और उनका अंतिम संस्कार खंडवा में किया गया था। आज भी किशोर प्रेमियों के दिलों में वे बसे हुए हैं और उनके दीवाने जन्मदिवस एवं पुण्यतिथि पर समाधि पर पहुंचकर सुरमयी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

समाधि और स्मारक पर निगम प्रशासन द्वारा पुण्यतिथि कार्यक्रमों को लेकर व्यवस्थाएं की जा रही है। वहीं संस्कृति विभाग ने किशोदा की पुण्यतिथि पर खंडवा में 13 अक्टूबर को शाम 7 बजे किशोर सम्मान एवं किशोर नाईट का आयोजन आयोजित किया है। प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि इस वर्ष संस्कृति विभाग द्वारा निर्देशन, अभिनय, पटकथा एवं गीत लेखन के क्षेत्र में दिए जाने वाले राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान से वर्ष 2015 के लिए पटकथा लेखक रूमी जाफरी और वर्ष 2016 के लिए गीतकार योगेश को सम्मानित किया जाएगा। सम्मान में 2 लाख रुपये की राशि, सम्मान-पट्टिका, शॉल-श्रीफल से नवाजा जाएगा। राष्ट्रीय किशोर कुमार अलंकरण सम्मान 13 अक्टूबर को पुलिस ग्राउण्ड खण्डवा में शाम 7.30 बजे से आयोजित होगा।

पटकथा श्री रूमी जाफरी
रूमी जाफरी विगत तीन दशक से सक्रिय लेखक हैं। इन्होंने व्यावसायिक रूप से सर्वाधिक सफल फिल्मों का लेखन किया, जिसमें श्रीमान आशिक, वक्त हमारा है, अंजाम, कुली नम्बर वन, साजन चले ससुराल, जुड़वा, हीरो नम्बर वन, मिस्टर और मिसेज खिलाड़ी, बड़े मियाँ छोटे मियाँ, आ अब लौट चलें, गोलमाल रिटर्न आदि शामिल हैं।

गीतकार योगेश
गीतकार की श्रेणी में सम्मानित होने वाले योगेश ने पाँच दशक में उत्कृष्ट गीतों के माध्यम से हिन्दी सिनेमा को माधुर्यपूर्ण रचनात्मक सहभागिता के माध्यम से अपनी पहचान स्थापित की है। उन्होंने बासु चटर्जी और ह्रषिकेश मुखर्जी जैसे फिल्मकारों की फिल्मों के लिए गीत लिखे हैं। ऐसी फिल्मों में मिली, छोटी सी बात, आनंद, मंजिलें और भी हैं, बातों-बातों में, रजनीगंधा, मंजिल आदि शामिल हैं।

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