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जासूसी रैकेट: फरहत ने लिया महिला पत्रकार का भी नाम !

farhat_spy_racket_caseनई दिल्ली- समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद मुनव्वर सलीम के पर्सनल एसिसटेंट फरहत ने बताया कि वह पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी महमूद अख्तर से बात करने के लिए कोड लैंग्वेज का इस्तेमाल किया करता था। इंडियन एक्सप्रेस को जानकारी मिली की फरहत महमूद अख्तर से बात किया करता था। महमूद अख्तर पाकिस्तानी उच्चायोग के वीजा विभाग में काम करता था। उसकी पोल खुलने के बाद सरकार ने उसे भारत छोड़ने को कह दिया था। खबर के मुताबिक, फरहत बातचीत के लिए पिज्जा, कॉफी, बर्गर और पेप्सी जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया करता था।

फरहत ने पुलिस को बताया कि अगर उसे साउथ एक्सटेंशन के अंसल प्लाजा में मिलना होता था तो वह पिज्जा बोलता था। अगर उसे प्रीत विहार में मिलना होता था तो कॉफी बोलता था। पीतमपुरा में मिलने के लिए बर्गर शब्द का इस्तेमाल किया जाता था। वहीं पेप्सी का मतलब फिर से उसी जगह पर मिलना था जहां पिछली बार मिले थे। फरहत पिछले 20 सालों से पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था।

45 साल का फरहत चार बच्चों का पिता है। उसे सलीम के घर से शुक्रवार (28 अक्टूबर) को क्राइम ब्रांच ने पकड़ा था। वहां से उसे दिल्ली लाकर चाणक्यपुरी में पूछताछ की गई थी। इसके बाद शनिवार को उसे गिरफ्तार किया गया। फरहत ने यह भी बताया कि जब भी उसके हाथ कुछ सीक्रेट डॉक्यूमेंट लग जाते थे तो वह कहता था, ‘कागज और कलम लेकर आ जाउंगा।’

फरहत ने किसी महिला पत्रकार का भी नाम लिया है। पुलिस उसको भी बुलाने की सोच रही है। फरहत ने बताया कि एक महिला पत्रकार लगभग आठ साल पहले सलीम का इंटरव्यू लेने आई थी वहीं पर उसकी और उस महिला पत्रकार की दोस्ती हो गई थी।

फरहत के मुताबिक, उसने ही पाकिस्तान उच्चायोग में काम करने वाले अख्तर से उसको मिलवाया था। गौरतलब है कि फरहत का नाम अख्तर और उसके साथ दो लोगों के पकड़े जाने के बाद सामने आया था। अख्तर ने कुछ और लोगों का नाम लिया था जो पाकिस्तान उच्चायोग में काम करते हैं लेकिन फिलहाल पुलिस उनसे कोई सवाल नहीं कर रही। फरहत को 8 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। [एजेंसी]




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