एक परिवार के 6 लोगों ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा ये गणित

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हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। शनिवार देर रात कर्ज में डूबे एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत से पुरे जिले में सनसनी फैल गई । शुरुआती जांच में मौत की वजह कर्ज को बताई जा रही है, लेकिन परिवार की हत्या की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि छह लोगों में दो लोगों ने फांसी लगाकर जान दी। एक बच्चे की धारदार हथियार से हत्या की गई है, जबकि एक बच्ची को जहर देकर मारा गया। एक महिला की गला दबाकर हत्या की गई है। ऐसा लगता है कि परिवार के पांच लोगों की मौत के बाद सबसे अंत में एक पुरुष ने छत से कूदकर जान दे दी। पुलिस को अपार्टमेंट के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। ब्राउन लिफाफे पर लाल स्याही से लिखा है कि अमन को लटका नहीं सकते थे। इसलिए उसकी हत्या की गई।

इसके नीचे नीली स्याही से मोटे अक्षरों में सुसाइड नोट लिखा है और उसके नीचे लिखा है: बीमारी+दुकान बंद+दुकानदारों का बकाया न देना+बदनामी+कर्ज= तनाव (टेंशन)= मौत। घटना हजारीबाग के खजांची तालाब के निकट सीडीएम अपार्टमेंट की है। परिवार के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति और उनकी पत्नी ने फांसी लगाकर अपने जीवन का अंत किया, तो धारदार हथियार से गला काटकर बच्चे की हत्या की।

संभवत: उसी ने अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या की। वहीं बेटी की मौत की वजह जहर बतायी जा रही है। दो महिलाओं का शव एक कमरा में मिला है, जबकि दूसरे कमरे में तीसरी महिला और उनके पोते का शव मिला। इस घर के मुखिया की तीन साल की बेटी का शव बरामदे में पड़ा मिला। वहीं घर के मुखिया का शव फ्लैट के नीचे कम्पाउंड में मिला। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, लेकिन पुलिस हत्या की आशंका से भी इन्कार नहीं कर रही है। कहा जा रहा है कि एक साथ छह लोगों की मौत के इस मंजर से ऐसा लगता है कि किसी ने इन सबकी हत्या कर दी है। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही कुछ भी कह पाने की स्थिति में होगी।

बता दें कि दिल्ली के बुरा़ड़ी में बीते दिनों एक परिवार के 11 लोगों को सामूहिक खुदकुशी का मामला सामने आया था। बुराड़ी के चुंडावत (भाटिया) परिवार के 11 सदस्यों में सबसे बुजुर्ग नारायण देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि उसकी मौत भी परिवार के अन्य 10 सदस्यों की तरह ही फांसी पर लटकने से हुई है। इससे पहले 10 लोगों की पोस्टमार्टम में भी गड़बड़ी की आशंका को खारिज करते हुए दिल्ली पुलिस का कहना था कि सभी 10 लोगों की मौत फांसी लगाने से हुई है।