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किसान परेशान : नोटबंदी के बाद यहां लगी यूरिया के लिए लाइन

खण्डवा: खण्डवा जिले में यूरिया को लेकर किसान इन दिनो परेशान नजर आ रहे हैं। किसानों का पूरा परिवार काम छोड़कर इन दिनों यूरिया के लिए लाइन में लगा है। पांच से छह घंटे लाइन में लगने के बाद भी किसानों को बमुश्किल तीन बोरी ही यूरिया मिल पा रहा हैं । जबकि उन्हें 20 से 25 बोरी यूरिया की जरूरत है। सहकारी विपणन संघ के गोडाउन के सामने सुबह से ही किसानों की लंबी लाइन लग जाती हैं ।वही कृषि विभाग के अधिकारी का कहना है जिले में यूरिया की कोई कमी नही 15 सौ टन यूरिया अभी आया है जो सभी समिति के माध्यम से किसानों को बांटा जा रहा है।

जिले के किसान को तीन बोरी ही यूरिया मिलने के कारण सहकारी समितियों के साथ साथ निजी दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं। ग्राम अमोदा में रहने वाले किसान पूरणसिंह नायक ने बताया कि उन्हें 20 बोरी यूरिया की जरूरत है लेकिन विपणन संघ आधार कार्ड पर सिर्फ तीन बोरी ही दे रहा हैं। उसमे भी सुबह से लाइन में लगे रहने के बाद दोपहर हो गई लेकिन नंबर कब आएगा पता नहीं ।

वही बिजोराभील के किसान विशाल पटेल सुबह 6 बजे से यूरिया के लिए लाइन में लगे हैं पर उनका नंबर नहीं आया उनका कहना है कि अगर खेतो में समय पर यूरिया नहीं डाला गया तो खेती में नुकसान उठाना पड़ सकता हैं। ऐसे में गेहूं की फसल बिगड़ने से आम लोगों को भी अधिक दाम में गेहूं खरीदना पड़ेगा। यूरिया लेने के लिए आधार कार्ड लाना पड़रहा हैं ऐसे में पीओएस मशीन में फिंगर प्रिंट स्केन करने में भी समस्या आ रही हैं।

हम मिले ऐसे ही गोलजोशी गाँव से आये एक बुजुर्ग किसान कालू राम से जिनके हाथ के फिंगर प्रिंट मैच नहीं हो पा रहे थे। उनका कहना था कि वे सुबह से आये हुए हैं पर उनके फिंगर प्रिंट पीओएस मशीन से स्केन नहीं हो प् रहे थे जिसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें 20 बोरी की आवशयकता है पर सोसाइटी उन्हें तीन बोरी ही यूरिया दे रही हैं।

किसान इसलिए भी परेशान है क्योंकि उसे इस वक्त अपने खेतों में होना चाहिए लेकिन वे यूरिया के लिए यहाँ लाइनों में लगा हुआ हैं। बिजौराभिल ग्राम से आए एक किसान धर्मेंद्र कुमार की यही समस्या हैं। धर्मेंद्र का कहना है की वे सुबह से यहाँ लाइनों में लगे हुए है और एक दिन में तीन ही बोरी यूरिया मिल पा रहा हैं ऐसे उनके खेत में वे पानी भी नहीं दे पा रहे है। उनका सवाल भी वाजिब है कि वे यहाँ लाइन में लगे यहाँ फिर अपने खेत की देखभाल करें ?

इधर कृषि विभाग के अधिकारी संतोष पाटीदार का कहना है कि जिले में यूरिया के संकट जैसी कोई समस्या नहीं है हां बीच में जरूर 15 दिनों के लिए रैक नही आने के करण यूरिया उपलब्ध नही हो पाया था। पर अब जिले में 15 हजार टन यूरिया आ चुका है। और अब यूरिया को लेकर स्थिति सामान्य हो गई है। जिले भर में 108 सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को यूरिया बांटा जा रहा है।

@निशात सिद्दीकी

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