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उत्सव-मेले हमारे मन मिलाते है – अर्चना चिटनीस

Archana Chitnisबुरहानपुर [ TNN ] मेले हमारे मन मिलाते है, मेलों से मेल-मिलाप बढ़ता है। मेलों की परंपरा में भारतीय संस्कृति और हमारी परंपराओं को सतत् जीवंत बनाए रखा है। नदी तट पर ईश आराधना में श्रृद्धा का संगम अपने क्षेत्र में सदियों से चला आ रहा है। यह बात भगवान श्री बालाजी के मेले में क्षेत्रीय विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस ने कही।

बुंदेलखंड टीकमगढ़ के भजन सम्राट पंडित पवन तिवारी के ’’भजमन राम चरण सुखदायि’’ एवं ’’सुनी है गोकुल की नगरियां पिय प्यारे मोरणीया’’ भजनों से ताप्ती किनारे उपस्थित श्रद्धालु झुम उठे। तृतीय दिवस पर श्री बालाजी महाराज का ताप्ती स्नान विधि पूर्वक व पूजा-अर्चना के साथ सम्पन्न हुआ। प्रातः भगवान बालाजी महाराज को ताप्ती नदी में स्नान कर विधायक श्रीमती अर्चना चिटनीस (दीदी) ने चरण स्पर्श किए। तेरस पर आयोजित गरबा रास प्रतियोगिता में श्रीमती अर्चना चिटनीस (दीदी) एवं गणमान्य नागरिकों सहित बालाजी उत्सव समिति के पदाधिकारी सांस्कृतिक कार्यक्रमांे का आनंद लेते दिखाई दिए। पारम्परिक एवं ऐतिहासिक श्री बालाजी महाराज जी का ताप्ती नदी तट पर अश्विन सुदी ग्यारस से तेरस तक तीन दिवसीय मेला भगवान बालाजी महाराज के रथ की मुख्य मंदिर स्थल पर वापसी के साथ पूर्ण होगा। श्री बालाजी रथ ताप्ती तट से मंदिर की ओर प्रस्थान बेला में समस्त उपस्थित श्रृद्धालु गोविन्दा-बालाजी, बालाजी-गोविन्दा का उद्घोष कर नदी से बालाजी मंदिर की ओर रवाना होंगे।

ज्ञात रहे श्री बालाजी महाराज के तीन दिवसीय ताप्ती नदी तट के इस मेले को विगत 6-7 वर्षांे से श्रीमती अर्चना चिटनीस (दीदी) द्वारा ’’ताप्ती-बालाजी’’ उत्सव समिति के माध्यम से कराया जाता रहा है।

ताप्ती नदी के बालाजी मेले में प्रत्येक कार्यक्रम अंतर्गत श्रीमती अर्चना चिटनीस (दीदी) स्वयं इसलिए भी उपस्थित होती रही ताकि व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में समिति व प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराती रहे। क्षेत्र में इस मेले का धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रहा है इसीलिए पिछले चार सौ वर्ष से ताप्ती नदी पर बालाजी मेले का भव्य स्वरूप दिखाई देता है।

मेला स्थल पर श्रीमती चिटनीस (दीदी) के सहयोगी कार्यकर्ता श्रीमती अंजली पिपलीकर, पूर्णिमा हुंडीवाला, उज्वला कापडि़या, श्रीमती शाह, अंजली गढे़, साधना पवार, यमुना मौसी, बसंती समाधान पाटील, गिरीश शाह, प्रदीप केडि़या, मुकेश शाह, मनीष मर्चन्ट, आर.पी. श्रीवास्तव, बलराज नावानी, चंचल कुशवाह, मनोज तारवाला, रमेश पाटीदार, अमित मिश्रा, सतीश देशमुख, जगदीश कपूर, अशोक भट्ट, संभाजी सगरे, रूद्रेश्वर एंडोले, सुधीर खुराना, चिंतामन महाजन, पांडुरंग महाजन, राजा राठौर, रवि काकड़े, नगीन संयास, किशोर पाटील, सदेन्द्र गुप्ता, बंटी मांडवकर एवं अनिल वानखेडे़ आदि विशेष रूप से व्यवस्थाओ में सतत् योगदान देते रहे है।

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