मोबाइल पर जीएसटी रेट 12 से बढ़ाकर 18 पर्सेंट करने का ऐलान, महंगे होंगे मोबाइल फोन

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है की वित्त वर्ष 2018-19 के लिए वार्षिक रिटर्न दाखिल करने और विवरण के समाधान के लिए नियत तारीख को 30 जून 2020 तक बढ़ाया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार 2 करोड़ रुपये से कम कुल कारोबार वाले करदाताओं को 2017-18 और 2018-19 के लिए वार्षिक रिटर्न और विवरण के समाधान दाखिल करने में देरी होने के लिए लेट फीस नहीं देनी होगी।

कोरोना का खौफ पहले से है और इस डर के माहौल में आज जनता को महंगाई का डबल डोज मिला है। सुबह पेट्रोल-डीजल तीन रुपये महंगा कर दिया गया था। शाम को जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद मोबाइल पर जीएसटी रेट 12 पर्सेंट से बढ़ाकर 18 पर्सेंट करने का ऐलान किया गया है। आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 39वीं बैठक हुई जिसमें यह फैसला लिया गया है।

जीएसटी की दर 12 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी कर देने का मतलब साफ है कि मोबाइल फोन महंगा होने वाला है। कोरोना के कारण पहले ही इसकी कीमत में तेजी आई है।

चीन से सप्लाई प्रभावित होने के कारण ज्यादार ब्रैंड के मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गजेट पहले से ही महंगे हो रहे हैं। जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिए गए फैसले के मुताबिक अब माचिस पर 12 पर्सेंट का टैक्स लगेगा। पहले हैंड मेड माचिस पर 5 पर्सेंट और अन्य पर 18 पर्सेंट का टैक्स लगता था।

इसके अलावा एयरक्रॉफ्ट के मेंटिनेंस, रीपेयर ऐंड ओवरहॉल (MRO) सर्विस पर जीएसटी की दर को 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। इसका मकसद भारत में MRO सर्विस को बढ़ावा देना है। भारत में इस सर्विस का अभाव है जिसके कारण एयरलाइन कंपनियों का बड़ा खर्ज विमानों को मेंटिनेस के लिए विदेश भेजने पर जाता है।

बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि व्यापारियों को राहत देते हुए वित्त वर्ष 2018-19 के लिए जीएसटी रिटर्न फाइल करने की तारीख को बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया गया है। जिनका टर्नओवर 2 करोड़ से कम है उन्हें लेट रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना नहीं देना होगा।