Home > Science & Technology > गूगल ने जीमेल यूजर्स का नया फीचर लॉन्च

गूगल ने जीमेल यूजर्स का नया फीचर लॉन्च

 

Gmail_logo

गूगल ने अपनी ईमेल सर्विस जीमेल में यूजर्स को यह सहुलियत दे रखी है कि यूजर्स के इनबॉक्स ने केवल जरूरी ईमेल ही पहुंचे। गैरजरूरी ईमेल जैस स्पैम (spam) स्पैम फोल्डर में चला जाए। फिर भी जीमेल की स्पैम को परखने तकनीक बहुत परफेक्ट नहीं है।

जीमेल यूजर्स अलग-अलग कंपनियों से बहुत से जरूरी ईमेल जैसे बैंक स्टेटमेंट, टिकट रिसीप्ट वैगरह प्राप्त करते हैं। लेकिन कभी-कभार किसी कारण यह जरूरी ईमेल स्पैम फोल्डर में चले जाते हैं। ऐसा में स्पैम फोल्डर ऐसे जरूरी ईमेल खोजना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। नए टूल को लॉन्च करते हुए कंपनी ने जानकारी साझा की है कि किसी भी औसत जीमेल इनबॉक्स के 0.1 फीसदी ईमेल स्पैम होते हैं और जरूरी मेल के स्पैम फोल्डर में जाने की संख्या 0.05 फीसदी है।

गूगल का माना है कि ऐसा जीमेल के पोस्टमास्टर टूल्स (Postmaster Tools) में किसी समास्या के कारणा होता है। इसलिए गूगल ने जीमेल (Gmail) के लिए नया टूल लॉन्च किया है।
इस टूल में गूगल सर्च (Google Search) और गूगल नाउ (Google Now) में इस्तेमाल होने वाले इंटेलिजेंस फीचर का इस्तेमाल किया गया है, जिसके जरिए स्पैम ईमेल फिल्टर होंगे।

गूगल के मुताबिक, गूगल के नए स्पैम फिल्टर टूल ज्यादा संख्या में ईमेल भेजने वाले यूजर अपने ईमेल का विश्लेषण कर सकते हैं, जैसे कि डिलिवरी नहीं होने की वजह और स्पैम रिपोर्ट। गूगल ने बताया कि नया स्पैम फिल्टर एक आर्टिफिशियल न्यूट्रल नेटवर्क इस्तेमाल करके किसी स्पैम को पहचानेगा और ब्लॉक करेगा। जीमेल फिल्टर का नया वर्जन यह पहचान लेगा कि यूजर किस तरह के ईमेल पढ़ना पंसद करता है।

गूगल प्रॉडक्ट मैनेजर, हर्ष सोमांची ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा है कि हम मानते हैं कि सभी इनबॉक्स एक जैसे नहीं हैं। हो सकता है कि किसी को ईमेल न्यूजलेटर पसंद हों, जबकि आप उन्हें डिलीट कर देते हैं। मशीन लर्निंग में तकनीकी सुधार के जरिए स्पैम फिल्टर अब हर यूजर की निजी प्राथमिकता का ख्याल रख सकता है। कंपनी ने आगे कहा कि नया स्पैम फिल्टर ईमेल इंपर्सोनेशन (डुप्लीकेट कॉपी) को भी पहचान लेगा, जिसका इस्तेमाल फिशिंग (ऑनलाइन धोखाधड़ी) के लिए हो रहा है।

Scroll To Top
Copyright @teznews.com. Designed by Lemosys.com